
जैसलमेर. मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में फर्जी दस्तावेज बनाकर बेचान करने के प्रकरण में पुलिस की निगरानी में मालिक को खेत सुपुर्द किया गया। मोहनगढ़ के नहरी क्षेत्र में चक सात एमजीडी में एक खेत के फर्जी कागजात तैयार कर बेचान करने को लेकर मोहनगढ़ पुलिस थाने में 2014 में मुकदमा दर्ज किया गया था। उपखण्ड मजिस्ट्रेट की ओर से मोहनगढ़ पुलिस थानाधिकारी को इस मुरब्बे का रिसीवर नियुक्त किया गया था। उसके बाद से ही मोहनगढ़ पुलिस थाना अधिकारी की निगरानी में ही यह मुरब्बा था। उपखण्ड न्यायालय की ओर से 1 जून 18 को निर्णय पारित कर हरलाल पुत्र भोमा राम विश्नोई को उक्त मुरब्बे का कब्जा सौंपने को कहा गया। गुरुवार को मोहनगढ़ पुलिस थानाधिकारी महेन्द्रसिंह खीची, सब इंस्पेक्टर हनुमाना राम विश्नोई मय जाब्ते के मौके पर पहुंच कर हरलाल पुत्र भोमाराम व भोमाराम पुत्र रामरख राम जाति विष्नोई निवासी लक्ष्मणनगर चांडी पुलिस थाना भोजासर जिला जोधपुर हाल चक 7 एमजीडी मोहनगढ़ को उक्त मुरब्बे का कब्जा सुपुर्द किया गया। इसके साथ ही मुरब्बे की कुर्की समाप्त कर मोहनगढ़ थानाधिकारी की रिसीवरी भी समाप्त की गई।
यह था मामला
फर्जी दस्तावेज तैयार कर अन्य को मुरब्बा बेचने के लेकर रामकुमार पुत्र धर्म सिंह ओड निवासी सात एमजीडी की ओर से चुन्नी ओड निवासी सूरतगढ़ व हरलाल विश्नोई निवासी लक्ष्मणनगर चांडी जिला जोधपुर के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। पुलिस थाने में राम कुमार की ओर से प्रकरण दर्ज कर बताया कि चुन्नीलाल ने लेखराम को मृत बताकर उनके पुत्र-पुत्रियों से अपने पक्ष में फर्जी मुख्त्यारनामा बनाकर उक्त मुरब्बे को हरलाल विश्नोई को बेच दिया। पुलिस द्वारा जांच करने पर राम कुमार खुद फर्जी दस्तावेज तैयार करने का आरोपी पाया गया। इसको लेकर 24 फरवरी 18 को मुरब्बा खरीदने वाली महिला पोला बाई उर्फ बबली पत्नी किशोरीलाल ओड निवासी 7 एमजीडी को गिरफ्तार कर 25 फरवरी को जैसलमेर स्थित न्यायालय में पेश किया गया था। अन्य आरोपियों की पुलिस की ओर से तलाश की जा रही थी। इस दौरान 14 मार्च को रामदेवरा पुलिस की ओर से तीन आरोपियों राम कुमार, सुरेन्द्र कुमार तथा हरियाणा के कांग्रेसी नेता मंगतराम को गिरफ्तार कर लिया गया, जिसे तत्कालिक जांच अधिकारी शंकरलाल की ओर से मोहनगढ़ पुलिस थाने लाया गया। यहां से जैसलमेर स्थित न्यायालय में पेश किया गया। तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।