भिणाजपुरा-खेलाणा गांव में स्थित रिन्यू पॉवर सोलर प्लांट में कार्यरत बाड़मेर जिले के शिव थानाक्षेत्र के आरंग निवासी रमेशदान (28) पुत्र लखदान व चोचरा निवासी कोजराजसिंह उर्फ सगतसिंह (27) पुत्र कानसिंह सोमवार रात काम से छुट्टी होने के बाद बाइक से गांव की तरफ जा रहे थे।
सांकड़ा क्षेत्र के भिणाजपुरा गांव के पास सोलर प्लांट के मुख्य द्वार के पास सोमवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार एक युवक की मौत और एक युवक घायल होने के बाद विभिन्न मांगों को लेकर दिया जा रहा धरना बुधवार को दूसरे दिन समाप्त हुआ। भिणाजपुरा-खेलाणा गांव में स्थित रिन्यू पॉवर सोलर प्लांट में कार्यरत बाड़मेर जिले के शिव थानाक्षेत्र के आरंग निवासी रमेशदान (28) पुत्र लखदान व चोचरा निवासी कोजराजसिंह उर्फ सगतसिंह (27) पुत्र कानसिंह सोमवार रात काम से छुट्टी होने के बाद बाइक से गांव की तरफ जा रहे थे। प्लांट से बाहर निकलने के बाद करीब 200 मीटर की दूरी पर किसी वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल फलसूंड के राजकीय अस्पताल ले जाया गया। यहां चिकित्सकों ने रमेशदान को मृत घोषित कर दिया। जबकि कोजराजसिंह को जोधपुर रैफर कर दिया। युवक की मौत के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण व परिवारजन प्लांट के मुख्य द्वार पर एकत्रित हुए एवं विभिन्न मांगों को लेकर धरना शुरू कर दिया।
हादसे के बाद धरने की सूचना पर शिव विधायक रविन्द्रसिंह भाटी, पूर्व विधायक शैतानसिंह राठौड़ सहित बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को धरनास्थल पर पहुंचे। देर शाम तक भी कोई समझौता नहीं होने के कारण पूरी रात धरना चलता रहा। इस दौरान शिव विधायक भाटी ने रात यहीं बिताई। साथ ही महापड़ाव की चेतावनी दी। बुधवार को सुबह पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, पूर्व जिला प्रमुख नैनदान रतनू, पूर्व उपप्रधान हजारीदान मोहड़, पोकरण विधायक के निजी सहायक गुलाबसिंह राठौड़, शंभूदान भेलाणी, भैरसिंह डांगरी, कोजराजसिंह राजगढ़, करणीदान झांफली, रघुवीरसिंह, हेमसिंह ओला, देवीसिंह भैंसड़ा, सरपंच अशोकदान ऊजला, मोहनदान कोडा, गिरधरसिंह कोटड़ा सहित सैकड़ों लोग मौके पर एकत्रित हो गए। बुधवार को दोपहर तक चले धरने में लोगों ने अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया।
धरने के दौरान बुधवार को दोपहर सोलर कंपनी के अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों व धरनार्थियों के बीच वार्ता हुई। इसमें कंपनी के प्रतिनिधि सज्जनसिंह शेखावत, प्रशासन की ओर से उपखंड अधिकारी लाखाराम चौधरी, वृताधिकारी भवानीसिंह राठौड़, नायब तहसीलदार माधोसिंह सांकड़ा, नखतसिंह फतेहगढ़, धरनार्थियों की ओर से कैलाशदान, हजारीदान, करणीदान आदि ने कंपनी के कार्यालय में बैठकर बातचीत की। इसमें कंपनी के अधिकारियों ने 30 अगस्त तक 25 लाख रुपए की आर्थिक सहायता पत्नी, माता-पिता के खाते में जमा करवाने, सीएसआर फंड से सार्वजनिक सभाभवन मय वाचनालय का निर्माण करवाने एवं नियमानुसार अन्य सहायता दिलाने और घायल कोजराजसिंह का उपचार का संपूर्ण खर्च वहन करने, जब तक वह स्वस्थ नहीं हो तब तक उसे घर बैठे मानदेय देने एवं स्वस्थ होने के बाद उसे स्थायी नौकरी देने का भरोसा दिलाया। जिस पर परिवारजनों व ग्रामीणों ने धरना समाप्त करने की घोषणा की गई।