पर्यटन संभावनाओं वाले जिले के प्रमुख खुहड़ी गांव को राष्ट्रीय मरु उद्यान (डीएनपी) की सीमा से बाहर किए जाने के संबंध में जानकारी सामने आई है।
पर्यटन संभावनाओं वाले जिले के प्रमुख खुहड़ी गांव को राष्ट्रीय मरु उद्यान (डीएनपी) की सीमा से बाहर किए जाने के संबंध में जानकारी सामने आई है। सूत्रों के अनुसार राजधानी जयपुर में शुक्रवार को वन विभाग और अन्य महकमों के बीच उच्चस्तरीय बैठक में खुहड़ी के साथ बरना व धोबा गांवों को डीएनपी क्षेत्र से बाहर करने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। जानकारों की मानें तो आने वाले समय में खुहड़ी व दो अन्य गांवों के तेजी से विकास की संभावनाओं को बल मिला है, वहीं खुहड़ी के डीएनपी क्षेत्र में शामिल किए जाने से अब तक रुके हुए पर्यटन व्यवसाय व विकास की गतिविधियों को भी तेजी मिल सकेगी। जानकारी के अनुसार टीम ने मौका स्थलों का निरीक्षण और अभिलेखों की जांच में पाया कि डीएनपी की तरफ से अपने अधिकार की भूमि होने संबंधी पिलर काफी आगे बढ़ कर लगाए गए हैं। यह रिपोर्ट सरकार को भिजवाई गई।
गौरतलब है कि खुहड़ी क्षेत्र में मरु महोत्सव के आयोजन के संबंध में डीएनपी की आपत्तियों की वजह से विगत वर्षों के दौरान कार्यक्रम नहीं करवाए जा सके थे। सीमांत जैसलमेर और पड़ोसी बाड़मेर जिलों के कुल 3162 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल को राष्ट्रीय मरु उद्यान का हिस्सा बताया जाता है। इस क्षेत्र में वन्यजीवों की बहुलता होने के चलते कई तरह के विकास व मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्य भी प्रभावित होते रहे हैं।