
रामदेवरा. क्षेत्र में गत शनिवार शाम आए भीषण आंधी-तूफान और मूसलाधार बारिश ने रामदेवरा क्षेत्र में व्यापक तबाही मचा दी। चक्रवाती हवाओं के कारण दर्जनों बिजली के पोल धराशायी हो गए, जबकि 33 केवी विद्युत लाइनों पर पेड़ गिरने से पूरे कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई स्थानों पर टूटे पोल और बिजली के तार सड़क पर गिरने से आवागमन भी बाधित रहा। जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति तत्काल बंद कर दी गई। शनिवार शाम बाधित हुई बिजली व्यवस्था को बहाल करने के लिए रविवार को डिस्कॉम के कार्मिक दिनभर युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य में जुटे रहे। करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद रामदेवरा कस्बे में बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी, लेकिन एका जीएसएस से जुड़े कई गांव दूसरे दिन शाम तक भी अंधेरे में डूबे रहे। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली नहीं होने से लोगों की परेशानी कई गुना बढ़ गई। इससे पूर्व अचानक मौसम बदलने के साथ तेज आंधी और बारिश शुरू होते ही बाजारों में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों को बाहर रखा सामान समेटने तक का अवसर नहीं मिला। राहगीरों ने दुकानों और मकानों के छज्जों के नीचे शरण लेकर खुद को सुरक्षित किया। तेज हवाओं के कारण कई दुकानों के बाहर रखा सामान क्षतिग्रस्त हो गया।
तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि घरों की छतों पर रखा घरेलू सामान हवा में उड़ गया। तूफान थमने के बाद लोग अपने बिस्तर, पलंग और अन्य सामान की तलाश करते दिखाई दिए। कई घरों का सामान क्षतिग्रस्त हो गया। नई खरीदी गई पानी की मटकियां टूटने और उड़ जाने से अनेक परिवारों को रातभर पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
रेलवे स्टेशन के निकट एक मकान परिसर का विशाल नीम का पेड़ और विद्युत पोल सड़क पर गिरने से शनिवार रात से रविवार सुबह करीब 10 बजे तक मार्ग अवरुद्ध रहा। पोकरण बायपास से रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को वैकल्पिक मार्गों से होकर गुजरना पड़ा। पोकरण से एका जीएसएस तक जाने वाली 33 केवी विद्युत लाइन के दर्जनों पोल तूफान में गिर गए। इसके कारण एका, वीरमदेवरा, पोकरपुरा, बृजपुरा और रुणिचा कुआं क्षेत्र में शनिवार शाम करीब पांच बजे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप रही। दूसरे दिन शाम तक भी आपूर्ति बहाल नहीं होने से ग्रामीणों को गर्मी, उमस और पेयजल संकट जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
बिजली आपूर्ति बहाल होने की प्रगति जानने के लिए संबंधित एईएन और जेईएन से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों अधिकारियों ने फोन रिसीव नहीं किया। इससे प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह सामान्य होने की समय-सीमा स्पष्ट नहीं हो सकी।