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Jaisalmer: तेज हवाओं और बारिश से जन-जीवन अस्त-व्यस्त, विद्युत पोल व पेड़ हुए धराशायी

लगातार बारिश से बाजारों और निचले इलाकों में जल-भराव की स्थिति बन गई। तूफान की चपेट में आने से रामदेवरा रेलवे स्टेशन से रुणीचा कुआं जाने वाले मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। रेलवे स्टेशन के पास रामचंद्र छंगानी के मकान के बाहर लगा विद्युत पोल भी सड़क पर गिर गया।
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रामदेवरा. तूफान की चपेट में आने से गिरा विद्युत पोल।

रामदेवरा क्षेत्र में शनिवार शाम आए तेज अंधड़ और बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। करीब आधे घंटे तक चली तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के कारण कई स्थानों पर विद्युत पोल धराशायी हो गए, पेड़सड़कों पर गिर पड़े और बाजारों में पानी भर गया। तूफान के कारण शाम तक पूरे रामदेवरा कस्बे की विद्युत आपूर्ति बाधित रही। जानकारी के अनुसार शनिवार शाम करीब छह बजे अचानक मौसम ने करवट ली और कुछ ही देर में तेज अंधड़ शुरू हो गया।

-जगह-जगह टीन शेड उड़े, घरेलू सामान भी दूर तक बिखरा, आमजन परेशान

शाम करीब साढ़े छह बजे तेज बारिश भी शुरू हो गई। तेज हवाओं के चलते दुकानों के बाहर लगाए गए पर्दे उड़ गए, जबकि कई स्थानों पर बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आईं। लगातार बारिश से बाजारों और निचले इलाकों में जल-भराव की स्थिति बन गई। तूफान की चपेट में आने से रामदेवरा रेलवे स्टेशन से रुणीचा कुआं जाने वाले मार्ग पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ। रेलवे स्टेशन के पास रामचंद्र छंगानी के मकान के बाहर लगा विद्युत पोल भी सड़क पर गिर गया। विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होने से देर शाम तक पूरे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी और कस्बा अंधेरे में डूबा रहा। तेज हवाओं के कारण कई मकानों की छतों पर रखा घरेलू सामान हवा में उड़कर दूर-दूर तक बिखर गया। कई स्थानों पर टीनशेड भी उड़ गए। अचानक आए तूफान से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और सामान्य जनजीवन लंबे समय तक प्रभावित रहा। तूफान के बाद स्थानीय प्रशासन और जोधपुर डिस्कॉम ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले स्थानों पर अनावश्यक नहीं जाने तथा क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों और पोलों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।

बार-बार शिकायतों बावजूद समाधान नहीं, ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी

फलसूंड. क्षेत्र की झलोड़ा भाटियान ग्राम पंचायत में लंबे समय से बना पेयजल संकट ग्रामीणों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। नियमित जलापूर्ति नहीं होने से कई मोहल्लों में पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है। इसके कारण लोगों को दूर-दराज के क्षेत्रों से पेयजल लाना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण गुलाबसिंह भाटी, छोटूसिंह, राजूसिंह, रणवीरसिंह, रावल, खेतपालसिंह, गिरधरसिंह और लखसिंह ने बताया कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया जा चुका है। बावजूद इसके अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।ग्रामीणों का कहना है कि पेयजल संकट के कारण घरेलू जरूरतों की पूर्ति करना मुश्किल हो गया है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और श्रम दोनों की अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और जलदाय विभाग ने शीघ्र नियमित एवं पर्याप्त पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की, तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनका कहना है कि इसके बाद उत्पन्न होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन और जलदाय विभाग की होगी। ग्रामीणों ने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों तथा जलदाय विभाग के उच्चाधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर पेयजल संकट का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने और नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।