
नाचना. स्थानीय राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का भवन जर्जर हाल में होने के कारण यहां हादसे की आशंका बनी हुई है।
्रजानकारी के अनुसार नाचना गांव के इन्दिरा गांधी नहर आवासीय कॉलोनी में विश्व खाद्य कार्यक्रम के तहत वर्ष 1984 में इस विद्यालय भवन का निर्माण करवाया गया था। हालांकि नौ वर्ष पूर्व विद्यालय की मरम्मत का कार्य किया गया था, लेकिन गत दो वर्षों से यह भवन पूरी तरह से क्षतिग्रस्त पड़ा है। कुछ कमरों में बारिश होने पर छतों से पानी टपकता रहता है।
ऐसे में विद्यार्थियों को अध्ययन में परेशानी होती है। दूसरी तरफ एक कमरे की छत के गिर जाने व एक अन्य कमरे की दीवार क्षतिग्रस्त हो जाने से किसी बड़ी दुर्घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। वर्ष 2015 में बारिश के दौरान विवेकानंद हॉल के आगे बरामदे की छत अचानक भरभरा गिर गई थी। जिसका मलबा आज भी यहीं पड़ा है। विद्यालय में पूर्वी दक्षिणी कोने में स्थित भवन भी क्षतिग्रस्त पड़ा है।
सुविधाएं भी पड़ी है बंद
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कला व वाणिज्य संकाय संचालित है। यहां विज्ञान प्रयोगशाला भी निर्मित है। एक स्मार्ट रूम भी बना हुआ है, जिसमें विभिन्न विषयों के कठिन प्रश्नों का हल सैटेलाइट शिक्षा से करवाए जाने की व्यवस्था है। डिजीटल ऑपरेटर नहीं होने से उपकरण धूल फांक रहे है।
विद्यालय में 10 कम्प्यूटर भी लगाए गए है, लेकिन ऑपरेटर नहीं होने से इनका कोई उपयोग नहीं हो रहा है। विद्यार्थियों की ओर से अपने स्तर पर ही इन कम्प्यूटरों को चलाया जा रहा है। यहां अच्छा मैदान स्थित है। यहां कबड्डी, वॉलीबॉल, भाला फैंक आदि का अभ्यास करवाया जाता है। बास्केटबॉल का मैदान है, लेकिन कॉर्ट नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल रहा है।