
IAF VasuShakti 2024 : पांच वर्ष बाद एक बार फिर मरुस्थल के आकाश में हिन्द के वायु योद्धाओं ने साहस, शौर्य व पराक्रम के बूते दुनिया को हवाई शक्ति का दम दिखा दिया। इस बार की थीम थी नभस: वज्र प्रहारम्। दिन की बाध्यता दिखी और न रात के अंधेरे की बाधा। असीम आकाश में फायर पावर डेमोस्ट्रेशन का यह मंजर शनिवार को वायुसेना के डे-नाइट युद्धाभ्यास वायुशक्ति-2024 के दौरान देखने को मिला।
युद्धाभ्यास में ऑन टाइम, ऑन टारगेट व एवरी टाइम का बेहतर तालमेल दिखा। युद्धाभ्यास में काउंटर सरफेस फोर्सेज, ऑपरेशन सर्च, एयर डिफेंस सिस्टम व रेस्क्यू ऑपरेशन ने हर किसी को चकित कर दिया। काल्पनिक युद्ध की शुरूआत में 1300 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरने वाले रफाल ने लक्ष्य पर सटीक प्रहार किया। दुश्मन संभला ही नहीं था कि रूद्र, ध्रुव और अपाचे हेलीकॉप्टर ने लक्ष्य पर ताबड़तोड़ हमले शुरू कर दिए। सी-17 ने पैराशूट के जरिए रसद सामग्री पहुंचाई। आपातकालीन स्थिति में चिनूक हेलीकॉप्टर ने दुश्मन को चकमा देते हुए मिशन को अंजाम तक पहुंचाया। एमआई-17 ने जवानों को यद्ध के मैदान में पहुंचाने की काबिलियत दिखाई।
काल्पनिक दुश्मन को घेरने के लिए आसमानी रास्ते से एक इमारत पर हेलीकॉप्टर से गरुड़ कमांडो उतरे। विशालकाय सी-130 ने भी छोटे रनवे पर लैंडिंग व टेक ऑफ कर चकित कर देने वाली क्षमता दिखाई। चिनूक हेलीकॉप्टर एम-777 हॉवित्जर तोप लेकर पहुंचे और मिसाइलों से खुद को बचाते हुए फ्लैयर्स भी छोड़ते हुए आगे बढ़े। जैसे ही दुश्मन ने घुसपैठ कर देश की सीमा में दाखिल होने का प्रयास किया तो आकाश व समर मिसाइलों ने उन्हें तबाह कर दिया। वेपन डिलीवरी हो या टारगेट केपेबलिटी, वायुसेना ने दक्षता दिखाई। करीब 2 किलोमीटर तक रेंज के क्षेत्र में 1 घंटा 53 मिनट तक चले युद्धाभ्यास में 120 से अधिक विमानों ने युद्धक व मारक क्षमता दिखाई और दुश्मन के डेढ़ दर्जन ठिकाने नष्ट कर दिए। करीब 50 टन आयुध गिराया गया।
इस मौके पर भारतीय वायुसेना और भारतीय सेना के उन्नत हल्के हेलीकॉप्टर एमके-4 के हथियारयुक्त संस्करण शामिल थे, जिन्होंने अपने रॉकेट और कुंडा बंदूकों का उपयोग करके नकली दुश्मनों के लक्ष्यों को नष्ट कर दिया। रात के कार्यक्रमों में पहली बार स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर प्रचण्ड की क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान के मुख्य अतिथि व चीफ ऑफ एयर स्टाफ वीआर चौधरी, चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल आर हरि कुमार बतौर अतिथि मौजूद थे।
रेगिस्तान के आकाश में इनका भी जलवा
वायुशक्ति-2024 में मिराज-2000, मिग-29, एमआई-17, जगुआर, सुखाई-30, सी-130, सी-17, रफाल, तेजस, हॉक जैसे लड़ाकू विमान, एलसीएच अपाचे और चिनूक जैसे हेलीकॉप्टर, आकाश, समर एवं अस्त्र मिसाइल, जीपीएस व लेजर गाइडेड बम, राकेट लांचर और हेलीकॉप्टर्स गन की युद्धक और मारक क्षमता की गूंज से दुनिया ने हिन्दुस्तान का दम देखा। आकाशगंगा की टीम जब पैराशूट से नीचे उतरी तो माहौल भारत माता की जयकारों से गूंज उठा।