स्वर्णनगरी में गर्मी का पारा लगातार चढऩे के साथ बिजली व्यवस्था भी हांफने लगी है। गत महीनों मुक्तेश्वर मंदिर के पास नया जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) शुरू होने और 54 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने के बावजूद शहर में तेज गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है।
स्वर्णनगरी में गर्मी का पारा लगातार चढऩे के साथ बिजली व्यवस्था भी हांफने लगी है। गत महीनों मुक्तेश्वर मंदिर के पास नया जीएसएस (ग्रिड सब स्टेशन) शुरू होने और 54 नए ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाने के बावजूद शहर में तेज गर्मी में निर्बाध बिजली आपूर्ति का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। बढ़ती आबादी, एसी-कूलरों का बढ़ता उपयोग और लगातार बढ़ रहे विद्युत भार ने डिस्कॉम की व्यवस्थाओं को प्रभावित किया है। स्थिति यह है कि आए दिन अलग-अलग इलाकों में कई-कई घंटों तक अघोषित कटौती और ट्रिपिंग की शिकायतें सामने आ रही हैं और इस सबसे आमजन परेशान हैं। हालांकि यह भी सच्चाई है कि पिछले अर्से के दौरान किए गए प्रयासों से अब तक हालात विगत वर्षों की तुलना में सुधरे हुए हैं लेकिन आने वाले मई और जून के करीब 50 दिनों के अलावा बरसाती सीजन में व्यवस्थाएं संपूर्ण नहीं की गई तो समस्या विकराल हो सकती है।
डिस्कॉम की ओर से नए ट्रांसफार्मर लगाने और पुराने उपकरणों को बदलने की कवायद जारी है, लेकिन इसमें भी अनेक बाधाएं सामने आ रही हैं। कई मोहल्लों में पर्याप्त जगह नहीं मिलने से नए ट्रांसफार्मर स्थापित नहीं हो पा रहे, जबकि कुछ स्थानों पर स्थानीय लोगों के विरोध और आपसी विवादों के कारण कार्य अटक रहा है। इसके चलते ओवरलोड ट्रांसफार्मरों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। यह समस्या शहर के अंदरूनी इलाकों में सर्वाधिक है, जहां संकरे स्थानों पर बसावट है। शहर के कई आवासीय क्षेत्रों में शाम होते ही वोल्टेज की समस्या भी सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के जरिए सामने आ रही है। बिजली उपकरण ठीक से नहीं चलने और बार-बार सप्लाई बाधित होने से लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। भीषण गर्मी के बीच दोपहर या रात के समय बिजली गुल होने से लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है। फॉल्ट सुधार में देरी की शिकायतें पूर्ववत लगातार सामने आ रही हैं।
डिस्कॉम अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में जिले में बिजली की मांग तेजी से बढ़ी है। पहले जहां घरेलू उपभोक्ताओं में सीमित विद्युत उपकरण उपयोग होते थे, वहीं अब अधिकांश घरों में एसी, कूलर और अन्य भारी उपकरण चल रहे हैं। इसके कारण फीडरों और ट्रांसफार्मरों पर अचानक भार बढ़ गया है। कई स्थानों पर पुराने ट्रांसफार्मर वर्तमान मांग के अनुरूप क्षमता नहीं रखते, जिससे वे बार-बार गर्म होकर ट्रिप कर रहे हैं। डिस्कॉम के सिटी सहायक अभियंता विनोद तंवर ने बताया कि गर्मी में करीब 30 प्रतिशत तक लोड बढ़ जाता है। शहर में 3 की जगह 2 कनिष्ठ अभियंता कार्य कर रहे हैं और तकनीकी कार्मिकों की कमी तो पूरे जिले में व्याप्त है। तकनीकी कर्मचारियों की सीमित संख्या होने और जन शिकायतों के निवारण के लिए बनाई गई मशीनरी त्वरित समाधान करने में नाकाम रहने से लोगों में आक्रोश बढ़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था सुचारू रहे, इसके लिए स्थायी बंदोबस्त अब तक नहीं हो पाया है। जानकारों का मानना है कि बढ़ते लोड के अनुरूप समय रहते आधारभूत ढांचे का विस्तार किया जाना आवश्यक है। इसके अभाव में स्थितियां गंभीर हो जाती हैं।
जैसलमेर में नए जीएसएस की स्थापना किए जाने के बाद अब हमारा फोकस एलटी लाइनों को छोटा किए जाने पर है। इसके लिए काम चल रहा है। शहर में अभी करीब 25 नए ट्रांसफार्मर लगाए जाने आवश्यक है, लेकिन इसका जगह-जगह विरोध हो जाता है और काम बाधित होता है। डिस्कॉम कार्यों में आमजन सहयोग करे तो हम गर्मी के मौसम में बिजली व्यवस्था को पूरी तरह से सुचारू बना सकते हैं।
- प्रदीप बारूपाल, अधिशासी अभियंता, डिस्कॉम जैसलमेर