
श्रमिक सुरक्षा पर श्रम विभाग की एडवाइजरी जारी (फोटो-एआई)
जैसलमेर: भीषण गर्मी और संभावित हीटवेव को देखते हुए श्रम विभाग ने जिले भर के औद्योगिक और निर्माण कार्यस्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी संस्थानों और परियोजना संचालकों से अपील की है कि श्रमिकों को लू और अत्यधिक तापमान से बचाने के लिए आवश्यक प्रबंध तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किए जाएं।
मई और जून के दौरान दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक लू का प्रभाव सर्वाधिक रहने की संभावना जताई गई है। इसे ध्यान में रखते हुए कार्य समय में बदलाव कर श्रमिकों को सीधे धूप और गर्म हवाओं के संपर्क से बचाने के निर्देश दिए गए है।
निर्माण स्थलों और खुले कार्य क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने पर जोर दिया गया है। कार्यस्थलों पर स्वच्छ और ठंडे पेयजल की उपलब्धता अनिवार्य की गई है। साथ ही कैंटीन, रेस्ट रूम, शौचालय और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रमिकों को राहत मिल सके और कार्य क्षमता बनी रहे।
स्वास्थ्य प्रबंधन के तहत आपात स्थिति के लिए आईस पैक की व्यवस्था रखने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की जरूरत बताई गई है। चिकित्सा विभाग के समन्वय से श्रमिकों की निगरानी बढ़ाने पर भी बल दिया गया है।
वेतन सुरक्षा को लेकर स्पष्ट किया गया है कि पीस रेट प्रणाली में कार्यरत दिहाड़ी श्रमिकों की मजदूरी में गर्मी के कारण कार्य क्षमता प्रभावित होने पर भी किसी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।
मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए श्रमिक हितों की रक्षा को प्राथमिकता दी गई है। श्रम कल्याण अधिकारी सुरेश कुमार ने बताया कि जिले की औद्योगिक इकाइयों में विशेष अभियान चलाकर लू और मौसमी बीमारियों से बचाव के उपायों की निगरानी की जा रही है।
राजस्थान में भीषण गर्मी और हीटवेव के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों के लिए विशेष सुरक्षा एडवायजरी जारी की थी। मुख्यमंत्री ने अपील की है कि नागरिक लू के खतरों को गंभीरता से लें और स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं से बचने के लिए सरकारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को दोपहर 12 से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। क्योंकि इस दौरान हीट स्ट्रोक का खतरा सर्वाधिक होता है। श्रमिकों, किसानों और पशुपालकों को भी सिर ढककर रखने और निरंतर पानी पीते रहने के निर्देश दिए गए हैं।
यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, चक्कर आना या बेहोशी जैसे लक्षण महसूस हों, तो उसे तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र ले जाएं। आपात स्थिति में मदद के लिए टोल-फ्री नंबर 108 या 112 पर कॉल कर तत्काल एंबुलेंस सहायता प्राप्त की जा सकती है।
सीएम ने न केवल इंसानों बल्कि बेजुबान पशु-पक्षियों के प्रति भी संवेदनशीलता दिखाने का आग्रह किया है। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वे परिंडों में पानी भरें और जीव-जंतुओं के लिए छाया व भोजन का प्रबंध करें। राज्य सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है। सतर्कता ही इस भीषण गर्मी में सबसे बड़ा बचाव है।
Published on:
07 May 2026 12:30 pm
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