जैसलमेर

भारत-पाक तनाव के दौरान गोडावण के चूजों को जैसलमेर से अजमेर भेजा

जिले से कुल 9 चूजों को गत 10 मई को 2 लग्जरी वाहनों के जरिए अजमेर भिजवाया गया।

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May 14, 2025

आतंकवादियों के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर के तहत की गई भारतीय कार्रवाई के जवाब में पड़ोसी पाकिस्तान की ओर से सीमावर्ती जैसलमेर में ड्रोन व मिसाइलों के हमलों से उत्पन्न तनावपूर्ण हालात में दुर्लभ गोडावण के चूजों को जिले के दो ब्रीडिंग सेंटर्स से अजमेर जिलान्तर्गत अरवर स्थित सेंटर में भिजवाया गया है। जिले से कुल 9 चूजों को गत 10 मई को 2 लग्जरी वाहनों के जरिए अजमेर भिजवाया गया। डीएनपी के उप वन संरक्षक ब्रजमोहन गुप्ता ने बताया कि रामदेवरा ब्रीडिंग सेंटर से 5 व सम सेंटर से 4 चजों को भेजा गया है। उन्हें कितने दिनों तक अरवर स्थित सेंटर में रखा जाएगा, अभी तक इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। दरअसल, गोडावण के चूजे तेज आवाजों के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं, ऐसे में सीमा क्षेत्र में धमाकों की आवाजों से उन्हें सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया। जिन वाहनों में चूजों को भेजा गया, उसमें बॉक्स में रेत की मुलायम सतह पर गद्दे बिछा कर वहां रखा गया था।

5 से 28 दिन के चूजे शामिल

जिन चूजों को यहां से स्थानांतरित करवाया गया है, वे 5 से 28 दिन की उम्र के हैं। जैसलमेर जिले के रामदेवरा व सम ब्रीडिंग सेंटर्स में इस साल कृत्रिम गर्भाधान पद्धति व वैज्ञानिक पद्धति से गोडावण के करीब 18 चूजों का जन्म हुआ है। इन चूजों की जैसलमेर से अजमेर तक सुविधाजनक यात्रा का बंदोबस्त किया गया था। गौरतलब है कि 22 अप्रेल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर सर्जिकल स्ट्राइक की थी। जिसके बाद पड़ोसी पाकिस्तान ने सीमावर्ती जैसलमेर सहित देशभर में कई जगहों पर ड्रोन व मिसाइलों से हमला किया। ऐसे हालात में नन्हें गोडावणों को किसी तरह की परेशानी से बचाने के लिए उन्हें अजमेर सेंटर में भेजा गया।

Published on:
14 May 2025 09:28 pm
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