
जैसलमेर. हादसों और प्रसव के आपातकाल में जिस एम्बुलेंस सेवा को लोगों के लिए ‘जीवनदायी’माना जाता है, उसकी सेवाओं पर इन दिनों लगभग ‘ब्रेक’लग गए हैं। ‘108’और ‘104’ सेवाओं में जुटे वाहन इन दिनों जैसलमेर स्थित एक गैराज में खड़े हैं। बताया जाता है कि संबंधित मिस्त्री का लाखों रुपए का भुगतान बकाया है। लिहाजा उसने वाहनों की रिपेयरिंग को लेकर लगभग हाथ खड़े कर रखे हैं।दूसरी ओर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे के अंतर्गत संचालित होने वाली इस सेवा के जिम्मेदार मिस्त्री को जल्द भुगतान कर देने का भरोसा ही दिला पा रहे हैं।
यहां खड़ी हैं गाडि़यां
जैसलमेर दुर्ग से सटी रिंग रोड में आए एक मोटर गैराज में 108 और 104 एम्बुलेंस सेवाओं से संबंधित बड़ी 4 तथा छोटी 3 गाडि़यां मंगलवार को खड़ी नजर आई।जानकारी लेने पर पता चला कि संबंधित मिस्त्री का बीते फरवरी माह से भुगतान बकाया चल रहा है।यह राषि करीब नौ लाख रुपए बताई जाती है।संबंधित अधिकारी इस दौरान मिस्त्री को जल्द भुगतान करने के आष्वासन देते हुए वाहनों की मरम्मत करवाते रहे हैं। लेकिन अब मिस्त्री ने भुगतान नहीं होने तक गाडि़यों की मरम्मत करने में असमर्थता जाहिर की है।
29 गाडि़यां का है बेड़ा
जानकारी के अनुसार जैसलमेर जिले में आपातकालीन सेवाओं के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य महकमे के पास कुल 29 गाडि़यां हैं। इनमें एक बेस एम्बुलेंस के अलावा 13 वाहन ‘108’ तथा 14 वाहन ‘104’सेवा के लिए निर्धारित हैं। ये वाहन जिले के अलग-अलग चिकित्सा केंद्रों के अंतर्गत अपनी सेवाएं देती हैं।जहां कहीं भी सड़क हादसा होने पर नजदीकी एम्बुलेंस को तुरंत मौके पर पहुंचना होता है।जिले के कई ग्रामीण इलाकों से कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में एम्बुलेंस के तुरंत मौके पर नहीं पहुंचने की षिकायतें भी मिलती रहती हैं।
जानकारी नहीं, पता करवाता हूं
भुगतान के अभाव में एम्बुलेंस सेवा की गाडि़यों के मिस्त्री के गैराज में खड़े होने की जानकारी मुझे नहीं है।इस संबंध में पता करवाता हूं।
-डॉ. बीएल बुनकर, सीएमएचओ, जैसलमेर