राजमथाई में रायड़े व चने का खरीद केन्द्र शुरू
पोकरण (जैसलमेर). राजफेड की ओर से क्षेत्र के राजमथाई गांव में समर्थन मूल्य पर रायड़े व चने की खरीद के लिए सोमवार को केन्द्र शुरू किया गया है। जिसका सरपंच मदनसिंह राठौड़ ने आगाज किया। गौरतलब है कि राजफेड की ओर से पोकरण व राजमथाई गांव में क्रय विक्रय सहकारी समिति पोकरण के सहयोग से समर्थन मूल्य पर रायड़े व चने की खरीद के केन्द्र स्वीकृत किए गए है। जिनमें से राजमथाई केन्द्र को सोमवार को शुरू किया गया। खरीद केन्द्र प्रभारी खुमाराम चौधरी ने बताया कि राजफेड की ओर से चार हजार रुपए प्रति क्विंटल रायड़ा व 4400 रुपए प्रतिक्विंटल के भाव से चने की खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि सोमवार को सरपंच राठौड़, ग्राम सेवा सहकारी समिति अध्यक्ष अर्जुनराम ओड, व्यवस्थापक उगमसिंह, भारतीय किसान संघ जिला उपाध्यक्ष गिरधरसिंह भाटी, कृषि पर्यवेक्षक प्रहलाद शर्मा, वार्डपंच भैरुसिंह राठौड़ की उपस्थिति में खरीद केन्द्र का शुभारंभ किया गया। उन्होंने बताया कि एक किसान न्यूनतम एक हेक्टेयर में साढे 11 क्विंटल के हिसाब से रायड़े की खरीद की जाएगी। उन्होंने बताया कि रायड़ा व चना प्रतिगिरदावरी 25 से 50 क्विंटल तक खरीदा जाएगा।
पोकरण में नहीं हुआ खरीद केन्द्र शुरू
राजमथाई में सोमवार को मार्केटिंग सोसायटी की ओर से खरीद केन्द्र शुरू कर दिया गया, लेकिन पोकरण कस्बे में स्वीकृत खरीद केन्द्र सोमवार तक शुरू नहीं किया गया। जिससे स्थानीय किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी हो रही है। सोसायटी सूत्रों के अनुसार पूर्व में राजफेड की ओर से बारदाना उपलब्ध नहीं करवाए जाने के कारण खरीद केन्द्र शुरू नहीं किए जा सके थे। सोमवार को बारदाना प्राप्त हो जाने के बाद राजमथाई में शुरू कर दिया गया है। शीघ्र ही पोकरण में भी खरीद केन्द्र शुरू कर दिया जाएगा।
जिले से बाहर चारा परिवहन किया तो खैर नहीं
जैसलमेर. जिले के 645 ग्रामों को अभावग्रस्त घोषित किया गया है। अभाव की स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिले से चारा अन्यंत्र परिवहन कर ले जाने पर जिला कलक्टर कार्यालय जैसलमेर द्वारा तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। जिला कलक्टर जैसलमेर कैलाष चन्द मीना ने जिले के संपूर्ण उपखण्ड क्षेत्र जैसलमेर, पोकरण, फतेहगढ़ और भणियाणा के उपखण्ड अधिकारियों तथा सभी तहसील क्षेत्र जैसलमेर, पोकरण, फतेहगढ़ व भणियाणा के तहसीलदारों को इस संबंध में अलग-अलग पत्र प्रेषित कर उन्हें निर्देषित किया गया है कि वे अपने-अपने स्तर से भी जिले से बाहर चारा परिवहन की कार्यवाही पूर्णत: प्रतिबंधित रहे। इसे अत्यंत गंभीरता से लेवें एवं चारे की गाड़ी जिले से बाहर जाने पर प्रत्येक गाड़ी की आवश्यक रुप से जांच कर इसको सुनिश्चित करें। इसके लिए विशेष निगरानी रखी जाएं, ताकि क्षेत्र के पशुओं को पर्याप्त मात्रा चारा उपलब्ध हो सकें। उन्होंने यह भी निर्देशित कि इस सम्बन्ध में की गई कार्यवाही से जिला कार्यालय को भी अवगत करवाने को कहा है।