हाल के दिनों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद आमजन को सतर्क रहने की अपील की गई है।
हाल के दिनों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ वित्तीय धोखाधड़ी के मामले सामने आने के बाद आमजन को सतर्क रहने की अपील की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय फर्जी निवेश योजनाओं और पोंजी स्कीम के जरिए लोगों को कम समय में पैसा दुगना करने तथा भारी कमीशन का लालच देकर ठगी के प्रयास बढ़ रहे हैं।
लीड बैंक अधिकारी कमलसिंह खींची ने बताया कि कई स्थानों पर फर्जी कंपनियों और एजेंटों की गतिविधियों की जानकारी मिली है, जो ग्रामीणों और महिलाओं को निवेश के नाम पर भ्रमित कर रहे हैं। ऐसे मामलों में बिना पूरी जानकारी के किसी भी योजना में धन निवेश नहीं करने की सलाह दी गई है। किसी भी संदेहास्पद निवेश योजना, दबाव बनाकर निवेश कराने की कोशिश या वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करने के साथ ही निकटतम पुलिस थाना, बैंक तथा संबंधित प्रशासनिक कार्यालय को सूचना देने का आग्रह किया गया है।
इसके साथ ही साइबर अपराध पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आमजन को यह भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है कि अत्यधिक ब्याज दर का लालच देने वाली योजनाओं से दूर रहें। किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि कंपनी भारतीय रिजर्व बैंक या भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड में पंजीकृत है या नहीं। बैंक खाता संख्या, आधार कार्ड की प्रतिलिपि और विशेष रूप से ओटीपी जैसी गोपनीय जानकारी किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की चेतावनी भी दी गई है। समय रहते सूचना मिलने पर ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव हो सकेगी।