
रामदेवरा/ जैसलमेर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंगलवार की दोपहर रामदेवरा पहुंचकर लोक देवता बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन कर पूजा अर्चना की। देश प्रदेश में अमन, चैन व खुशहाली की कामना की। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने निर्धारित समय से करीब 3 घंटे के विलंब से रामदेवरा पहुंचे। कौमी एकता के प्रतीक व सांप्रदायिक सद्भाव के प्रतीक बाबा रामदेव की समाधि पर उन्होंने मखमली चादर, कपड़े का घोड़ा, मिश्री, पताशा, काजू बादाम अखरोट का प्रसाद चढ़ा कर विधिवत पूजा अर्चना की।
मंदिर के व्यवस्थापक कमल छंगाणी ने विधि विधान से पूजा अर्चना करवाई। इससे पूर्व रामदेवरा पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री का कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। धिनावास के पूर्व सरपंच परमेश्वर खत्री ने बाबा रामदेव की तस्वीर, बाबा का घोड़ा भेंट किया। बाबा रामदेव समाधि समिति की तरफ से समाधि समिति के अध्यक्ष गादीपति राव भोम सिंह तंवर, हाथी सिंह, रावत सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने समाधि समिति कार्यालय में उनका भव्य स्वागत किया। रामदेव के मेले को लेकर समाधि समिति के पदाधिकारियों से मेला व्यवस्था की जानकारी ली। देश प्रदेश वासियों को भादो मेले की शुभकामना प्रेषित की।
सीएम राजे को घूम घूमकर कहना चाहिए 'मैं काम नहीं कर पाई, मुझे माफ कर दो'- गहलोत
इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार को दिल्ली से जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर कांग्रेस के कार्यकर्ताओं व नेताओं ने उनका स्वागत किया। वहीं पर गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत की। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को गौरव यात्रा की जगह माफी यात्रा निकालनी चाहिए जो विदाई यात्रा हो।
गहलोत ने तंज कसते हुए कहा कि राजे को प्रदेश में घूम घूमकर कहना चाहिए कि ‘आपने (जनता को) भारी बहुत दिया है। मैं काम नहीं कर पाई। मुझे माफ कर दो। ’मुख्यमंत्री राजे की गौरव यात्रा को निशाना बनाते हुए उन्होंने कहा कि यह हेलीकॉप्टर यात्रा है। बाड़मेर के सभी विधान सभा क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर से दौरे हुए हैं। मुख्यमंत्री के कदम जमीन पर नहीं पड़ते हैं। यात्रा के दौरान लोगों को बालकनी में खड़े होने से मना कर दिया गया। काले कपड़े पहनकर आने से मना किया गया। यह लोकतंत्र विरोधी है। गहलोत ने कहा कि जोधपुर के फलोदी, ओसियां और पीपाड़ जहां भी राजे की यात्रा का विरोध हो रहा है, दरअसल वह भाजपा के कार्यकर्ता और नेता कर रहे हैं। वे अंसतुष्ट है। पार्टी के लोगों की समस्याओं को दूर करने की बजाय मुख्यमंत्री कांग्रेस पर विरोध करने का आरोप लगा रही हैं।
भामाशाह कार्ड अपने आप में घोटाला
गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री राजे की ओर से शुरू की गई भामाशाह योजना अपने आप में घोटाला है। जब पहले से ही आधार कार्ड उपलब्ध था तो करोड़ों रुपए खर्च करके भामाशाह कार्ड बनाने की जरुरत क्यों पड़ी। जब उनसे पूछा गया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो क्या भामाशाह कार्ड बंद कर दिया जाएगा, इस पर गहलोत चुप्पी साध गए।