जैसलमेर

JAISALMER NEWS बीमार चिकित्सा व्यवस्था को मिलेगा दस का दम

विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से कराह रही सीमांत जैसलमेर जिले की चिकित्सा व्यवस्था को करार मिलने की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) करने वाले चिकित्सकों को थोकबंद भाव में पहली नियुक्ति प्रदान की है।
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जैसलमेर. विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से कराह रही सीमांत जैसलमेर जिले की चिकित्सा व्यवस्था को करार मिलने की उम्मीद जगी है। राज्य सरकार ने पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) करने वाले चिकित्सकों को थोकबंद भाव में पहली नियुक्ति प्रदान की है। ऐसे कुल 258 विशेषज्ञ चिकित्सकों में से 10 को जैसलमेर जिले में नियुक्ति प्रदान की गई है। आने वाले दिनों में इन चिकित्सकों को पदस्थापित स्थान पर कार्यभार ग्रहण करना होगा। इनमें सबसे ज्यादा चार विशेषज्ञ जिला मुख्यालय स्थित जवाहर चिकित्सालय के ट्रोमा सेंटर में लगाया गया है।
10 में से 6 जैसलमेर में
कुल 10 में से 6 चिकित्सकों को जैसलमेर के जवाहर चिकित्सालय में पदस्थापित किया गया है। इनमें मनोरोग चिकित्सक डॉ. महेंद्र कुमार शर्मा व शिशु रोग में डिप्लोमा डॉ. मदनलाल जाट को जवाहर चिकित्सालय जैसलमेर में नियुक्ति प्रदान की गई है। वहीं सर्जन डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, डॉ. पेमाराम खींचड़ व डॉ. आनंद गोदारा तथा अस्थिरोग विषेषज्ञडॉ. सुरेन्द्र सिंह को ट्रोमा सेंटर, जवाहर चिकित्सालय जैसलमेर में लगाया गया है। निश्चेतन विशेषज्ञ डॉ. विकास शर्मा तथा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. धन्नाराम रेवाड़ को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रामगढ़ और लोंग मोहम्मद राजड़ को खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी सांकड़ा व नेत्र रोग विशेषज्ञ मोहम्मद ताजदार आलम को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पोकरण में पदस्थापित किया गया है।
ट्रोमा सेंटर के दिन फिरने की उम्मीद
जवाहर चिकित्सालय के ट्रोमा सेंटर में एक साथ तीन सर्जन और एक अस्थि रोग विशेषज्ञ चिकित्सक को लगाए जाने के बाद जिलावासियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद जगी है। जैसलमेर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन होने वाले सडक़ हादसों व अन्य दुर्घटनाओं में घायल लोगों को प्रारंभिक तौर पर जवाहर चिकित्सालय ही पहुंचाया जाता है। यहां के ट्रोमा सेंटर पर सालों तक ताले लटके रहने के बाद पिछले अर्से अनेक प्रयासों के बाद उसकी शुरूआत की गई, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव के चलते यह सेंटर घायलों की महज मरहम-पट्टी करने तक ही सीमित रहा। इसका अपेक्षित लाभ घायलों को नहीं मिल सका। अब यहां तीन सर्जन व सबसे महत्वपूर्ण अस्थिरोग विशेषज्ञ को नियुक्ति प्रदान किए जाने के बाद हालात में सुधार की पूरी उम्मीद है। जैसलमेर में चिकित्सकों को लगाए जाने व उनके कार्य ग्रहण करने में हमेशा बड़ा फासला रहा है। अधिकांश चिकित्सक यहां आकर काम करने से कतराते रहे हैं। बताया जाता है कि, इस बार ऐसा नहीं होगा क्योंकि उक्त सभी विशेषज्ञों को पोस्ट ग्रेजुएट करने के बाद पहली बार पोस्टिंग दी गई है। ऐसे में चिकित्सकों पर ज्वॉइन करने का पूरा दबाव रहेगा। चुनावी साल में सरकार भी यही चाहेगी कि, जिन-जिन स्थानों पर चिकित्सक लगाए गए हैं, वे वहां जाकर कार्य करें।

फैक्ट फाइल-
-50 प्रतिशत से ज्यादा चिकित्सकों के पद जिले में रिक्त
-01 सरकारी चिकित्सालय ही है जैसलमेर में
-38 हजार वर्ग किलोमीटर से ज्यादा क्ष् ोत्रफल में बसा है जैसलमेर

जिले के लिए अच्छा निर्णय
जैसलमेर जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी लम्बे समय से महसूस की जा रही है। ऐसे में इन 10 चिकित्सकों के कार्यभार ग्रहण करने से रोगियों को उनकी सेवाओं का लाभ मिलेगा।
-डॉ. बीएल बुनकर, सीएमएचओ, जैसलमेर

Published on:
29 Jul 2018 03:24 pm