6 सितंबर 2026,

रविवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

‘पापा कब आएंगे’?, मासूम गौरव-मोती को गले लगाकर रो पड़ी पुलिस, कांस्टेबल दीनाराम की अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब

जैसलमेर में सड़क हादसे में गंभीर घायल ट्रैफिक कांस्टेबल दीनाराम गर्ग का रविवार को पैतृक गांव भाकरानी में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार हुआ। पुलिस जवानों ने शोक सलामी देकर अंतिम विदाई दी। एसपी ने परिजनों और बच्चों को ढांढस बंधाया।
2 min read
Google source verification
jaisalmer constable dinaram garg passed away

इनसेट में मृतक ट्रैफिक कांस्टेबल दीनाराम गर्ग और मौजूद लोग (पत्रिका फोटो)

जैसलमेर: सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए ट्रैफिक कांस्टेबल दीनाराम गर्ग का रविवार को उनके पैतृक गांव भाकरानी में गमगीन माहौल के बीच राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जैसलमेर पुलिस ने अपने जांबाज साथी को शोक सलामी देकर अंतिम विदाई दी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों, जवानों, परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम नजर आईं।

अंतिम संस्कार के दौरान जैसलमेर जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेश सांखला, वृत्ताधिकारी रूप सिंह इंदा, सांगड़ थाना अधिकारी राजेश बिश्नोई, यातायात प्रभारी निच्छल कुमार सहित जिला पुलिस टीम के अधिकारियों एवं जवानों ने पुष्पचक्र अर्पित कर दिवंगत कांस्टेबल को श्रद्धांजलि दी। पुलिस जवानों ने शोक सलामी देकर अपने साथी को अंतिम विदाई दी।

सड़क हादसे में हुए थे गंभीर घायल

गौरतलब है कि 3 सितंबर को जैसलमेर शहर में हुए सड़क हादसे में ट्रैफिक कांस्टेबल दीनाराम गर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के बाद उन्हें उपचार के लिए पहले जोधपुर और बाद में अहमदाबाद ले जाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा था। चिकित्सकों के अथक प्रयासों के बावजूद शनिवार देर रात उनका निधन हो गया।

दीनाराम गर्ग के निधन की खबर मिलते ही पुलिस विभाग और उनके गांव में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार को उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव भाकरानी लाया गया। जहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों, पुलिसकर्मियों और परिचितों ने अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पुलिस विभाग के सहयोग को परिजनों ने सराहा

दिवंगत कांस्टेबल के भाई कलाराम एवं कंवराज गर्ग सहित ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक जैसलमेर और पुलिस विभाग का आभार जताया। परिजनों ने बताया कि हादसे के बाद उपचार के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनवाने से लेकर जोधपुर और अहमदाबाद तक इलाज की व्यवस्था में पुलिस प्रशासन ने हर संभव सहयोग किया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद दीनाराम को बचाया नहीं जा सका।

मासूम बच्चों से मिले पुलिस अधीक्षक, भावुक हुआ माहौल

अंतिम विदाई के दौरान जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने दिवंगत दीनाराम गर्ग के छोटे बच्चों गौरव और मोती से भी मुलाकात की। इस दौरान माहौल बेहद भावुक हो गया। पुलिस अधीक्षक ने बच्चों और परिजनों को ढांढस बंधाते हुए पुलिस विभाग की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

पुलिस अधीक्षक ने कहा कि पुलिस परिवार ने अपना एक कर्मठ साथी खो दिया है। विभाग दिवंगत कांस्टेबल के परिवार के साथ खड़ा है और परिवार को हर संभव मदद उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। दिवंगत दीनाराम गर्ग की अंतिम विदाई के दौरान पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके निधन से पुलिस विभाग के साथ-साथ गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। रोते हुए बच्चे बार-बार पूछ रहे थे कि पापा कब आएंगे?