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जैसलमेर. नगरीय निकाय चुनाव में इस बार भाजपा और कांग्रेस ने पारंपरिक चेहरों के बजाय बड़ी संख्या में नए प्रत्याशियों पर भरोसा जताया है। जैसलमेर, बालोतरा और बाड़मेर में दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने पार्षद चुनाव में पहली बार उतर रहे उम्मीदवारों को व्यापक अवसर दिया है। इससे कई वार्डों में मुकाबला अनुभवी चेहरों के बजाय नए प्रत्याशियों के बीच भी देखने को मिलेगा। नए प्रत्याशियों के सामने जहां मतदाताओं का भरोसा जीतने की चुनौती है, वहीं राजनीतिक दलों के लिए इन चेहरों को संगठनात्मक अनुभव और चुनावी प्रबंधन का समर्थन देना भी महत्वपूर्ण रहेगा।
जैसलमेर नगर परिषद के 45 वार्डों में से 44 वार्डों में चुनाव होने हैं। भाजपा ने 42 ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। कांग्रेस के 32 उम्मीदवार भी पहली बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। यानी दोनों दलों के बीच बड़ी संख्या में ऐसे प्रत्याशी हैं, जिनके लिए यह चुनाव राजनीतिक सफर की पहली बड़ी परीक्षा है। जैसलमेर में कई वार्डों में पहली बार चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों की संख्या से यह साफ है कि राजनीतिक दलों ने स्थानीय स्तर पर नए चेहरों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। इन प्रत्याशियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती मतदाताओं के बीच अपनी पहचान स्थापित करने के साथ संगठन और समर्थकों को प्रभावी तरीके से सक्रिय रखना होगी।
बालोतरा नगर परिषद के 55 वार्डों में भाजपा ने 43 और कांग्रेस ने 46 ऐसे प्रत्याशियों को टिकट दिया है, जो पहली बार पार्षद चुनाव लड़ रहे हैं। आंकड़ों के लिहाज से कांग्रेस की ओर से पहली बार चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की संख्या भाजपा से तीन अधिक है। बालोतरा में दोनों दलों की ओर से बड़ी संख्या में नए प्रत्याशियों को मौका मिलने से चुनावी मुकाबले में नई राजनीतिक पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। कई वार्डों में मतदाताओं के सामने पुराने राजनीतिक अनुभव और नए चेहरों के बीच चयन की स्थिति बन सकती है।
बाड़मेर नगर परिषद के 55 वार्डों में भाजपा ने 47 और कांग्रेस ने 45 ऐसे उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है, जो पहली बार पार्षद का चुनाव लड़ रहे हैं। यहां दोनों दलों ने अपने अधिकांश वार्डों में नए चेहरों को प्राथमिकता दी है। भाजपा और कांग्रेस ने इस चुनाव में बड़े स्तर पर नए प्रत्याशियों पर दांव लगाया है। इसका असर चुनावी रणनीति, वार्ड स्तर के समीकरण और भविष्य की स्थानीय राजनीति पर भी पड़ सकता है।
Updated on:
05 Sept 2026 09:08 pm
Published on:
05 Sept 2026 09:08 pm
