पोकरण. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने धोखाधड़ी के आरोपी की अपील को खारिज करते हुए सजा बरकरार रखी है। गत 2 जनवरी 2010 को परिवादी दलपतपुरा निवासी भूगरखां ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में लिखित परिवाद दिया था कि आरोपी माठीणेखां पुत्र जामीनखां रिश्ते में उसका भतीजा है।
पोकरण. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने धोखाधड़ी के आरोपी की अपील को खारिज करते हुए सजा बरकरार रखी है। गत 2 जनवरी 2010 को परिवादी दलपतपुरा निवासी भूगरखां ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में लिखित परिवाद दिया था कि आरोपी माठीणेखां पुत्र जामीनखां रिश्ते में उसका भतीजा है। माठीणेखां ने पैतृक जमीन पर अन्य काश्तकारों की बिना सहमति और परिवादी भूगरखां के फर्जी हस्ताक्षर व अंगूठा कर ऋण ले लिया।
सांकड़ा पुलिस ने आईपीसी 420 व अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर अनुसंधान किया। मामले में फिंगरप्रिंट ब्यूरो की रिपोर्ट व अन्य दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने माठीणेखां को 1 वर्ष के साधारण कारावास और 50 हजार रुपए के जुर्माने से दंडित किया। जिसके बाद माठीणेखां ने निर्णय के विरुद्ध अपर जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील दायर की। न्यायाधीश डॉ.महेन्द्रकुमार गोयल ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अपील को पुष्ट करते हुए एसीजेएम न्यायालय के निर्णय को बरकरार रखा और माठीणेखां को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया। राज्य पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक समंदरसिंह नरावत ने पैरवी की।