जैसलमेर

गैस सिलेंडर की किल्लत गहराई, घरेलू उपभोक्ता भी होने लगे परेशान

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढऩे से देश भर की भांति सीमावर्ती जैसलमेर जिले में भी एलपीजी (तरल पेट्रोलियम गैस) की किल्लत अब बढ़ोतरी की ओर है।

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Mar 12, 2026

पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढऩे से देश भर की भांति सीमावर्ती जैसलमेर जिले में भी एलपीजी (तरल पेट्रोलियम गैस) की किल्लत अब बढ़ोतरी की ओर है। कमर्शियल सिलेंडर आपूर्ति पर केंद्र सरकार की रोक के कारण जैसलमेर से लेकर सम तक के रेस्टोरेंट्स, होटल्स और रिसोट्र्स में रसोईघरों का संचालन मुश्किल हो रहा है। वहीं सरकार की तरफ से किए जा रहे घरेलू गैस आपूर्ति में कमी नहीं होने के दावों के बावजूद घरों में एलपीजी का संकट बढ़ रहा है।

लोग भी आने वाले दिनों में और कमी से घबरा कर गैस की अग्रिम व्यवस्था करने की कोशिशों में जुट गए हैं। कुल मिलाकर शहर में इन दिनों रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की परेशानी बढ़ा दी है। घरेलू गैस के लिए ऑनलाइन बुकिंग सर्वर डाउन होने की शिकायतें सामने आ रही है। इसके कारण उपभोक्ताओं को गैस एजेंसियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्हें सिलेंडर लेने के लिए भी कम्पनियों के गोदामों तक जाना पड़ रहा है।

हालात यह हैं कि कई उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, वहीं होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को वैकल्पिक साधनों के सहारे काम चलाना पड़ रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि सर्वर बंद होने के कारण न तो बुकिंग हो पा रही है और न ही स्थिति के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल रही है। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। शहर में इन दिनों जहां भी सिलेंडर की टैक्सी पहुंचती है, उसके आसपास उपभोक्ताओं की भीड़ उमड़ रही है। मौजूदा समय में एक तरफ 25 दिन से पहले बुकिंग नहीं ली जा रही है और 30 दिन की अवधि के बाद ही दूसरा सिलेंडर दिया जा रहा है।

व्यवसाय पर पडऩे लगा बुरा असर

कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति पर रोक का प्रत्यक्ष असर शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर नजर आने लगा है। कई रेस्टोरेंट संचालकों ने बताया कि नियमित सप्लाई नहीं मिलने से रसोई संचालन में मुश्किलें आ रही हैं। रेस्टोरेंट संचालक नितिन शर्मा ने बताया कि लकडिय़ां व कोयले का अधिकतम उपयोग कर फिलहाल काम चलाया जा रहा है। साथ ही हेवी इंडक्शन चूल्हों का ऑर्डर दिया गया है। एक अन्य रेस्टोरेंट संचालक लखसिंह राजपुरोहित ने बताया कि लकड़ी व अन्य साधनों का सहारा लेकर जैसे-तैसे वर्तमान में काम चलाया जा रहा है। यही स्थितियां आगे भी रही तो रेस्टोरेंट का मीनू कम किया जाएगा। कारोबारियों का कहना है कि यदि जल्द ही गैस आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो इसका असर कारोबार और ग्राहकों की सेवा दोनों पर पड़ सकता है।

सम में भी उत्पन्न हुई समस्या

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े सम क्षेत्र के रिसोट्र्स भी इस संकट से अछूते नहीं हैं। सम के कई रिसोर्ट संचालकों ने बताया कि पर्यटकों के लिए भोजन व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बन गया है। सिलेंडर समय पर उपलब्ध नहीं होने से वैकल्पिक उपाय करने पड़ रहे हैं। कुछ रिसोट्र्स में अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था पहले से थी, लेकिन लगातार बढ़ती कमी के कारण वहां भी दबाव बढ़ गया है। संचालकों का कहना है कि वर्तमान में सैलानियों की आवक में कमी से जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। स्थानीय लोगों और कारोबारियों का कहना है कि यदि सर्वर की तकनीकी समस्या और सिलेंडर की आपूर्ति को जल्द ठीक नहीं किया गया तो शहर में गैस संकट और गहरा सकता है।

Published on:
12 Mar 2026 08:34 pm
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