भारत-पाकिस्तान की सीमा से सटा जैसलमेर अब केवल पर्यटन नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है।
भारत-पाकिस्तान की सीमा से सटा जैसलमेर अब केवल पर्यटन नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनता जा रहा है। ऐतिहासिक धरोहर, सुनहरे रेतीले टीले और प्राकृतिक खूबसूरती इसे बॉलीवुड, टॉलीवुड और हॉलीवुड फिल्मों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बना रहे हैं। इस साल अप्रैल और जुलाई में दो दक्षिण भारतीय फिल्मों और एक हॉलीवुड पीरियड फिल्म की शूटिंग जैसलमेर में तय हो चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जैसलमेर को सालभर नियमित हवाई सेवा मिल जाए तो शूटिंग से होने वाला सालाना व्यवसाय में करीब 60 करोड़ की और बढ़ोतरी होगी। मौजूदा समय में यह व्यवसाय करीब 40 करोड़ माना जा रहा है।
-1970 में सुनील दत्त की च्रेशमा और शेराज् से जैसलमेर में शूटिंग की शुरुआत हुई थी।
-3 बड़ी फिल्मों की शूटिंग 2025 में तय, दो टॉलीवुड और एक हॉलीवुड फिल्म
-55 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ, भारतीय और विदेशी निर्माताओं को आर्थिक प्रोत्साहन
-50 साल का ऐतिहासिक कनेक्शन, च्रेशमा और शेराज् से च्वेनगार्डज् तक सिलसिला जारी
राजस्थान सरकार भारतीय फिल्मों को 15 प्रतिशत यानी अधिकतम 2 करोड़ और विदेशी फिल्मों को कुल 55 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है। जयपुर, उदयपुर और शेखावाटी पहले से ही शूटिंग हब बन चुके हैं। कोटा, बूंदी और बीकानेर भी इस सूची में शामिल हो रहे हैं। जैसलमेर में सुविधाएं बढऩे से यह राजस्थान का तीसरा सबसे बड़ा शूटिंग हब बन सकता है।
जैसलमेर में नियमित हवाई सेवा नहीं होने से फिल्मकारों को शूटिंग में दिक्कतें आती हैं।
जयपुर, उदयपुर और जोधपुर जैसी लॉन्ग डिस्टेंस ट्रेन कनेक्टिविटी जैसलमेर को नहीं मिल रही। यदि साल भर विमान सेवा और लंबी दूरी की ट्रेनें शुरू हो जाएं, तो शूटिंग व्यवसाय में कम से कम 60 करोड़ रुपए की वृद्धि संभव है।
फिल्म शूटिंग व्यवस्थापक तनसिंह का कहना है कि जैसलमेर में हर प्रकार की फिल्म शूटिंग के लिए परफेक्ट लोकेशंस हैं, लेकिन कनेक्टिविटी बाधा बन रही है। यदि नियमित विमान सेवा मिल जाए, तो जैसलमेर राजस्थान का सबसे बड़ा शूटिंग हब बन सकता है। जयपुर और उदयपुर की तरह जैसलमेर को भी साल भर उड़ानें और बेहतर रेल सेवाएं मिलनी चाहिए। ऐसा होने से फिल्म शूटिंग का ग्राफ तेजी से बढ़ेगा और जैसलमेर 100 करोड़ क्लब में शामिल हो सकता है।
जैसलमेर में मौजूदा समय में फिल्म शूटिंग से करीब 40 करोड़ रुपए का व्यवसाय हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कनेक्टिविटी की समस्या हल हो जाए, तो यह कारोबार कई गुना बढ़ सकता है। अनुमान के मुताबिक हवाई सेवाओं में 10 करोड़, होटल सेक्टर में 25 करोड़, टूर्स-ट्रेवल्स में 15 करोड़ और कैटरिंग व अन्य सेवाओं में 10 करोड़ का इजाफा संभव है।