मोहनगढ़ कस्बे में इन दिनों फसलों व अनाज संग्रहण को लेकर गोदामों की भरमार देखने को मिल रही है। विभिन्न मोहल्लों व अंदरूनी इलाकों में गोदामों के आने से भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। गोदामों के बाहर खड़े भारी वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है।
मोहनगढ़ कस्बे में इन दिनों फसलों व अनाज संग्रहण को लेकर गोदामों की भरमार देखने को मिल रही है। विभिन्न मोहल्लों व अंदरूनी इलाकों में गोदामों के आने से भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। गोदामों के बाहर खड़े भारी वाहनों के कारण यातायात व्यवस्था लगातार प्रभावित हो रही है। मुख्य बाजार से जुड़ी सड़क, मस्जिद क्षेत्र की गली और शहीद राजेंद्र सिंह मार्ग पर हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां गोदामों के सामने खड़े ट्रक, ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य बड़े वाहन आवागमन में बड़ी बाधा बन रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि दुपहिया वाहन निकालना भी मुश्किल हो जाता है। मुख्य सड़क पर ट्रैक्टर-ट्रॉली खड़ी कर दी जाती है, जबकि मस्जिद के पास संकरी गली में अव्यवस्थित पार्किंग से रास्ता लगभग बंद हो जाता है। कुछ लोग सड़क पर ही बैठकर जगह घेर लेते हैं, जिससे समस्या और विकराल हो जाती है। सबसे अधिक परेशानी गोदामों में होने वाली लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान सामने आती है। इस दौरान बड़े वाहन घंटों तक खड़े रहते हैं और बोरियों की ढुलाई के कारण पूरा रास्ता अवरुद्ध हो जाता है। आमजन को लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है और कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है। ट्रकों की वजह से राहगीरों और दुपहिया चालकों के चोटिल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। नागरिकों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार गोदाम संचालकों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। गोदाम मालिक अपने कार्य को प्राथमिकता देते हुए रास्ता खुला रखने में रुचि नहीं दिखा रहे हैं।स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोदामों के बाहर भारी वाहनों की पार्किंग पर नियंत्रण किया जाए। साथ ही अलग से पार्किंग स्थल और लोडिंग-अनलोडिंग की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कस्बे की यातायात व्यवस्था सुचारु हो सके और आमजन को राहत मिल सके।
पोकरण क्षेत्र के विभिन्न गांवों व ढाणियों में पशुकुंड व पशुखेलियां सूखी पड़ी है। भीषण गर्मी के मौसम में मवेशी का बेहाल हो रहा है। जबकि जिम्मेदार कोई ध्यान नहीं दे रहे है। ग्रामीणों ने बताया कि लंगासर भोमियाजी मंदिर, मोराणी, रामदेवरा की सगतसिंह की ढाणी आदि में पशुखेलियां व पशुकुंड सूखे पड़े है। जिसके कारण मवेशी का बेहाल हो रहा है। मवेशी जंगलों में भटक रहे है। यहां न तो जलापूर्ति हो रही है, न ही टैंकरों से पानी पहुंच रहा है। उन्होंने जलदाय विभाग से इस संबंध में कार्रवाई करने और ठेकेदार को पाबंद कर मवेशी को राहत दिलाने की मांग की है।