
जैसलमेर। दो सप्ताह तक उमसपूर्ण गर्मी के दौर के बाद जैसलमेर में गर्मी ने लोगों को झुलसा दिया। मौसम विभाग ने शनिवार को अधिकतम तापमान 43.0 और न्यूनतम 29.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गत 12 जून को अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री रिकॉर्ड होने के बाद पहली बार पारा फिर 43 डिग्री के स्तर तक पहुंचा है। तापमान में आई इस बढ़ोतरी के साथ दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। सुबह से ही तेज धूप का असर दिखाई देने लगा और दोपहर होते-होते सडक़ों पर आवाजाही कम हो गई। बाजारों और प्रमुख चौराहों पर सामान्य दिनों की तुलना में भीड़ कम नजर आई। जरूरी कार्य से बाहर निकलने वाले लोग सिर और चेहरे को कपड़े से ढंककर चलते दिखाई दिए, जबकि ठंडे पेय और शीतल खाद्य पदार्थों की दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही बढ़ गई। दोपहर के समय खुले स्थानों पर गर्मी का असर अधिक महसूस किया गया। हालांकि दोपहर बाद आसमान में बादलों की आवाजाही भी रही लेकिन इससे गर्मी के मिजाज में कोई कमी नहीं आई।
न्यूनतम तापमान 29.2 डिग्री रहने से रात और अलसुबह भी पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी। दिनभर की तपिश के कारण देर शाम तक वातावरण गर्म बना रहा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आसमान साफ रहने और तेज धूप के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यदि मौसम में विशेष बदलाव नहीं हुआ तो अगले कुछ दिनों तक गर्मी का असर बना रह सकता है। चिकित्सकों ने भी लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर नहीं निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। दो सप्ताह बाद तापमान के फिर 43 डिग्री तक पहुंचने से यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि मानसून की सक्रियता से पहले गर्मी अभी पूरी तरह विदा नहीं हुई है।
पोकरण क्षेत्र में गत कुछ दिनों से भीषण गर्मी के कारण आमजन का बेहाल हो रहा है। शनिवार को भीषण गर्मी के साथ उमस का असर बढ़ गया। सुबह सूर्य की तेज किरणें निकली। 9 बजे बाद तापमान में बढ़ोतरी होने लगी। दोपहर में भीषण गर्मी के साथ उमस का असर बढ़ गया। दोपहर में बादलों की आवाजाही शुरू हुई। जिससे मौसम धूप छांव का हुआ, लेकिन हवा पूरी तरह से रुक जाने से उमस का असर बढ़ गया। देर शाम तक भी भीषण गर्मी व उमस का दौर जारी रहा। जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।