राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूरचंद्र कुलिश के जन्म शताब्दी वर्ष पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत कस्बे के उरमूल परिसर में नि:शुल्क चिकित्सा जांच व उपचार शिविर का आयोजन किया गया।
राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कर्पूरचंद्र कुलिश के जन्म शताब्दी वर्ष पर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी के अंतर्गत कस्बे के उरमूल परिसर में नि:शुल्क चिकित्सा जांच व उपचार शिविर का आयोजन किया गया। गौरतलब है कि कुलिश जन्म शताब्दी वर्ष में प्रदेश भर में सेवा कार्यों, सामाजिक सरोकार के कार्य किए जा रहे है। इसी के अंतर्गत कस्बे के उरमूल परिसर में चिकित्सा जांच व उपचार शिविर आयोजित किया गया, जिसमें मरीजों की भीड़ उमड़ी।
राजकीय जिला चिकित्सालय के चिकित्साधिकारी डॉ. अजयपालसिंह भाटी की ओर से यहां आए मरीजों की स्वास्थ्य जांच की गई। उन्होंने ऐलोपैथिक पद्धति से मरीजों की स्वास्थ्य जांच कर दवाइयां दी। शिविर को लेकर ग्रामीणों में उत्साह नजर आया। कस्बे के साथ ही क्षेत्र के विभिन्न गांवों से मरीज यहां पहुंचे। जिनका उपचार किया गया। इसी तरह आयुर्वेद चिकित्साधिकारी डॉ. चारुलता बेगड़ की ओर से भी मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
उन्होंने मरीजों को आयुर्वेद औषधियां वितरित की। शिविर में 200 से अधिक मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस दौरान उरमूल परिसर में क्षार सूत्र शल्य चिकित्सा के भर्ती मरीजों से भी मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई।
डॉ. अजयपालसिंह भाटी व डॉ.चारुलता बेगड़ ने उपस्थित मरीजों को मौसमी बीमारियों के लक्षण, बचाव व उपचार की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभी सर्दी से ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत हो रही है। मौसम में स्वास्थ्य का ख्याल रखने की जरुरत है। उन्होंने जुकाम, सर्दी, बुखार आदि के लक्षण होने पर तत्काल अस्पताल में जांच करवाने और उपचार लेने की बात कही।
इस मौके पर चिकित्साधिकारी डॉ. भाटी व डॉ. बेगड़ ने राजस्थान पत्रिका के संस्थापक कुलिश के जीवन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राजस्थान की पत्रकारिता में उनके योगदान को कभी भूलाया नहीं जा सकता है। साथ ही उनके लेख जीवन को सही दिशा देते है।