
रामदेवरा क्षेत्र के छायण गांव स्थित राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षकों की भारी कमी के कारण 240 बालिकाओं का भविष्य संकट में है। वर्तमान में विद्यालय में केवल तीन शिक्षक कार्यरत हैं, जबकि लंबे समय से कई पद रिक्त पड़े हैं। जिम्मेदारों की अनदेखी से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों और ग्राम पंचायत ने मुख्यमंत्री व शिक्षा विभाग को भेजे ज्ञापन में बताया कि पिछले डेढ़ वर्ष में विद्यालय से योजनाबद्ध तरीके से स्टाफ कम हुआ है।
वर्ष 2024 में समायोजन के दौरान तीन शिक्षक हटाए गए। इसके बाद जुलाई 2025 में तीन अन्य शिक्षक अन्य विद्यालयों में स्थानांतरित हो गए। हाल ही में एक शिक्षक के चयन के बाद उनके जाने से स्थिति और गंभीर हो गई। इस तरह कुल सात शिक्षकों की कमी हो चुकी है। विद्यालय में प्रधानाचार्य, पांच वरिष्ठ अध्यापक और मंत्रालयिक कर्मचारियों के पद भी रिक्त हैं। स्टाफ की कमी का असर यह रहा कि सत्र 2025-26 में अब तक करीब 80 बालिकाओं ने टीसी कटवा ली है। इससे सरकारी योजनाओं की प्रभावशीलता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
भौतिक संसाधनों की स्थिति भी चिंताजनक है। विद्यालय केवल पांच कमरों के छोटे भवन में संचालित हो रहा है, जहां 240 बालिकाओं को बैठाना मुश्किल हो रहा है। विद्यालय के लिए नई भूमि आवंटन का मामला वर्षों से विवाद में उलझा हुआ है, जिससे भवन निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो पाया।
ग्रामीणों का कहना है कि यह पूर्णतः बालिका विद्यालय है और यदि यहां पर्याप्त स्टाफ व सुविधाएं नहीं मिलीं तो वे अपनी बेटियों को सह-शिक्षा वाले विद्यालयों में नहीं भेजेंगे। इससे क्षेत्र की कई बालिकाएं शिक्षा से वंचित हो सकती हैं। ग्राम पंचायत ने मांग की है कि 11वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए व्याख्याताओं के पद सृजित किए जाएं, सभी रिक्त पदों पर स्थायी नियुक्तियां की जाएं और भूमि विवाद का समाधान कर भवन निर्माण कराया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक आंदोलन और विद्यालय की तालाबंदी करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
Updated on:
15 Apr 2026 08:50 pm
Published on:
15 Apr 2026 08:10 pm
