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सरहदी जिले में उष्ण हवाओं ने झकझोरा, तापमानी पारा @ 41.7… सीजन का सबसे गर्म दिन

जैसलमेर में अप्रेल के पहले पखवाड़े के आखिर तक आते-आते गर्मी अपने रंग में आ गई है। पिछले कुछ दिनों के मुकाबले बुधवार को धूप और तीखी हो गई।

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जैसलमेर में अप्रेल के पहले पखवाड़े के आखिर तक आते-आते गर्मी अपने रंग में आ गई है। पिछले कुछ दिनों के मुकाबले बुधवार को धूप और तीखी हो गई। दोपहर में गर्म हवाओं के चलने से लोग जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 41.7 व न्यूनतम 25.2 डिग्री दर्ज किया गया। यह इस सीजन का सबसे गर्म दिन रहा। एक दिन पहले मंगलवार को अधिकतम व न्यूनतम पारा क्रमश: 40.5 व 24.9 डिग्री रहा था। दोपहर से लेकर शाम तक बाजारों व मुख्य मार्गों पर बहुत कम संख्या में लोग आवाजाही करते नजर आए। शाम को भी पंखें गर्म हवा ही फेंक रहे थे। पश्चिमी विक्षोभ के चलते कुछ दिनों तक गर्मी के तीखे तेवरों से बचे रहे लोग अब एकदम से मौसम के सख्त होने से परेशान नजर आ रहे हैं। शहर के ऐतिहासिक दुर्ग से लेकर गड़ीसर सरोवर व पटवा हवेलियों आदि के पास रौनक गायब हो गई है। न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री के स्तर पर पहुंच जाने से रात में भी शीतलता काफी हद तक नदारद होने लगी है।

पोकरण. अप्रेल माह के दूसरे पखवाड़े में ही सूर्य की किरणें आग उगलने लगी है। भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों से आमजन का बेहाल हो रहा है। गत कुछ दिनों से सूर्य अपना रौद्र रूप धारण किए हुए है, जिसके कारण लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो रहा है। हालात यह है कि सुबह दिन चढऩे के साथ सूर्य की किरणें तेज होने लगती है और सुबह 10 बजे ही लू के थपेड़ों का दौर शुरू हो जाता है, जो देर शाम तक भी जारी रहता है। इसके बाद देर रात तक भीषण गर्मी के कारण जन-जीवन अस्त व्यस्त हो जाता है। बुधवार को भी कुछ ऐसे ही हालात रहे। सुबह 9 बजे तापमान में हुई बढ़ोतरी के बाद लू के थपेड़ों का दौर शुरू हो गया, जो शाम तक भी जारी रहा। तापमान में हुई बढ़ोतरी के कारण आमजन का बेहाल हो गया। दोपहर में भीषण गर्मी व लू के थपेड़ों के चलते मुख्य मार्गों पर चहल पहल कम नजर आई। तापमान 40 से 41 डिग्री तक रिकॉर्ड किया गया। देर शाम तक भी गर्मी का दौर जारी रहने के कारण जन- जीवन प्रभावित हुआ।

जैसलमेर में बाल विवाह रोकने के लिए नियंत्रण कक्ष स्थापित

जैसलमेर. जिला प्रशासन ने आगामी अक्षय तृतीया एवं पीपल (वैशाख पूर्णिमा) जैसे अवसरों पर बाल विवाह पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। जिले में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है।संयुक्त शासन सचिव, निदेशालय बाल अधिकारिता विभाग जयपुर एवं अतिरिक्त जिला कलक्टर के निर्देशों का पालन करते हुए, जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग जैसलमेर के सहायक निदेशक, हिम्मतसिंह कविया ने जानकारी दी कि जिला बाल संरक्षण इकाई, जैसलमेर कार्यालय परिसर में 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से एक विशेष कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। कविया ने बताया कि इस कंट्रोल रूम में प्राप्त होने वाली हर शिकायत का विधिवत पंजीकरण कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत कंट्रोल रूम नंबर 02992-294450 या 1098 पर सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। संबंधित अधिकारियों को विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं रात्रि चौपालों में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। समाज के सभी वर्गों को यह समझाया जाएगा कि बाल विवाह न केवल दंडनीय अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास में गंभीर बाधा डालता है।