
जैसलमेर। शहर बुधवार को चुनावी फैसले के सबसे अहम दिन से गुजरेगा। नगर परिषद आम चुनाव-2026 के तहत 9 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। 44 वार्डों में कुल 35,837 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 18,765 पुरुष, 17,070 महिला और दो थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। वार्ड 23 में पार्षद का निर्विरोध निर्वाचन पहले ही हो चुका है। ऐसे में अब शेष वार्डों में मतदान के जरिए मतदाता अपने प्रतिनिधि का चुनाव करेंगे। चुनावी प्रचार के शोर के बाद अब पूरा फोकस मतदान केंद्रों पर है।
जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपमा जोरवाल के अनुसार मतदान के लिए प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए एरिया मजिस्ट्रेट, सेक्टर अधिकारी और पुलिस अधिकारियों को जिम्मेदारियां दी गई हैं। ये टीमें मतदान के दौरान लगातार क्षेत्र में भ्रमण कर व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगी।
मतदान समय: सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक।
कुल मतदाता: 35,837
पुरुष मतदाता: 18,765
महिला मतदाता: 17,070
थर्ड जेंडर: 2 मतदाता।
मतदान क्षेत्र: 44 वार्डों में मतदान
निर्विरोध वार्ड: वार्ड 23 में कांग्रेस की लखमो निर्विरोध निर्वाचित
सुरक्षा व्यवस्था: पुलिस बल और मोबाइल दल लगातार भ्रमण करेंगे।
निगरानी: एरिया मजिस्ट्रेट और सेक्टर अधिकारी मतदान प्रक्रिया पर नजर रखेंगे।
मतदान केंद्र पर नियम भी स्पष्ट
प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर अनुशासन और गोपनीयता बनाए रखने के लिए कुछ प्रतिबंध लागू किए हैं। मतदान केंद्र पर धूम्रपान निषेध रहेगा। मतदान केंद्र पर नियुक्त मतदान अधिकारी और अभिकर्ता केंद्र के भीतर तथा उसकी 100 मीटर की परिधि में मोबाइल फोन, कॉर्डलैस फोन और वायरलेस सेट नहीं रख सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य मतदान प्रक्रिया को किसी बाहरी प्रभाव, अनावश्यक संचार या व्यवधान से मुक्त रखना है।
मतदान दिवस पर प्रशासन की चुनौती सिर्फ मतदान शुरू करवाने तक सीमित नहीं होगी। बूथों पर व्यवस्था, कानून-व्यवस्था, मतदाताओं की आवाजाही और किसी भी संभावित विवाद पर तत्काल प्रतिक्रिया भी महत्वपूर्ण होगी। इसी के लिए एरिया मजिस्ट्रेट, सेक्टर अधिकारी और पुलिस मोबाइल दल मैदान में रहेंगे।
जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे के अनुसार मतदान केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। मोबाइल पुलिस दल भी लगातार मतदान केंद्रों का भ्रमण करते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे।
चुनावी विश्लेषकों के अनुसार, नगर निकाय चुनाव में मतदान प्रतिशत के साथ-साथ वार्डवार मतदान का पैटर्न भी महत्वपूर्ण होता है। स्थानीय चुनाव में प्रत्याशी और मतदाता के बीच सीधा संपर्क होने से छोटे अंतर भी परिणाम बदल सकते हैं। इसलिए अंतिम दिन की सबसे बड़ी चुनौती शांतिपूर्ण मतदान के साथ प्रत्येक मतदाता को बिना दबाव मतदान का अवसर उपलब्ध कराना होगी।
बुधवार को शहर में प्रत्याशियों की अपील नहीं, मतदाता की उंगली पर लगी स्याही चुनावी कहानी लिखेगी। प्रचार के दौरान बने समीकरण अब मतदान केंद्र तक पहुंचेंगे। किस वार्ड में किसका नेटवर्क काम करता है, किस प्रत्याशी के समर्थक मतदान के लिए सक्रिय होते हैं और कहां मतदाता चुपचाप अपना फैसला करता है—इन सवालों का जवाब मतदान के बाद सामने आएगा। अब चुनाव प्रचार का मंच बंद है; फैसला 35,837 मतदाताओं के हाथ में है।