
लाठी (जैसलमेर). पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर जिले में मौसम में बदलाव के साथ प्रवासी पक्षियों की आवाजाही शुरू हो गई है। लाठी-धोलिया क्षेत्र में किए गए बर्डिंग सर्वे के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी दर्ज की गई। ऐसे में थार के रेगिस्तानी क्षेत्र की समृद्ध पक्षी विविधता और पारिस्थितिक महत्व भी सामने आया है। प्रवासी पक्षियों को देखने के लिए बर्डवॉचर्स की रुचि भी लगातार बढ़ रही है। सर्वे के दौरान यूरेशियन नाइटजार, साइक्स नाइटजार, रुफस-टेल्ड स्क्रब रॉबिन, रेड-टेल्ड श्राइक, रेड-बैक्ड श्राइक, मॉन्टेग्यू हैरियर और पैलिड हैरियर सहित कई प्रवासी पक्षी दिखाई दिए। रेगिस्तानी परिदृश्य में नाइटजार की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। वहीं खुले घास एवं झाड़ीदार क्षेत्रों में श्राइक और स्क्रब रॉबिन जैसी प्रजातियां नजर आईं। आसमान में उड़ान भरते मॉन्टेग्यू हैरियर और पैलिड हैरियर ने भी पक्षी प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
सर्जन एवं पक्षी प्रेमी डॉ. अनिल वदान ने बताया कि थार के रेगिस्तानी परिदृश्य में नाइटजार सहित विभिन्न प्रवासी पक्षियों की मौजूदगी महत्वपूर्ण है। क्षेत्र के खुले मैदान, झाड़ियां और घासभूमियां इन पक्षियों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराती हैं। पक्षी प्रेमी डॉ. दिवेश कुमार सैनी के अनुसार थार का यह क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में कार्य करता है। यहां के खेत, झाड़ियां, घासभूमियां और प्राकृतिक रेगिस्तानी आवास पक्षियों को भोजन एवं विश्राम के लिए उपयुक्त परिस्थितियां उपलब्ध कराते हैं।
पक्षी प्रेमी डॉ. अभिषेक ने बताया कि बर्डिंग सर्वे के दौरान दर्ज की गई प्रजातियां आगामी प्रवासी मौसम में पक्षियों की गतिविधियों के अध्ययन के लिए महत्वपूर्ण हैं। नियमित और वैज्ञानिक तरीके से सर्वे किए जाने पर जैसलमेर के रेगिस्तानी क्षेत्रों में प्रवासी पक्षियों के आवागमन तथा यहां मौजूद पक्षी विविधता की बेहतर जानकारी सामने आ सकती है।
- यूरेशियन नाइटजार
- साइक्स नाइटजार
- रुफस-टेल्ड स्क्रब रॉबिन
- रेड-टेल्ड श्राइक
- रेड-बैक्ड श्राइक
- मॉन्टेग्यू हैरियर
- पैलिड हैरियर