
जैसलमेर. सभापति पद के लिए भाजपा की तरफ से नामांकन दाखिल करते हुए अरुण पुरोहित और विजय डांगरा।
जैसलमेर. 45 वार्ड सदस्यों वाली जैसलमेर नगरपरिषद में पार्षदों का चुनाव परिणाम आने के बाद अब बारी निकाय के मुखिया यानी सभापति पद की है। इस पद के लिए नामांकन की बुधवार को अंतिम तिथि थी। 25 सीटें जीतने वाली भाजपा को बोर्ड में स्पष्ट बहुमत मिला हुआ है, इसके बावजूद वह सभापति चुनाव को लेकर फूंक फूंक कर कदम रख रही है। यही कारण है कि नामांकन के अंतिम दिन पार्टी ने अपने दो पार्षदों अरुण पुरोहित और विजय डांगरा से नामांकन दाखिल करवाए।
पार्टी का सिम्बल बंद लिफाफे में रिटर्निंग अधिकारी (एसडीएम) वीरेंद्रसिंह को सौंपा। देर शाम तक भाजपा की तरफ से खुलासा नहीं किया गया कि आखिर उम्मीदवारी का ताज किसके सिर रखा गया है। भाजपा की इसी सस्पेंस वाली राजनीति के रास्ते पर विपक्षी कांग्रेस भी चलती हुई नजर आ रही है। परिषद में 16 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने दो नामांकन पत्र दाखिल करवाए हैं। पहला, अपना वार्ड चुनाव हारने वाले निर्मल पुरोहित से हाइब्रिड प्रणाली वाला और दूसरा, पूर्व सभापति और वार्ड 20 से विजयी अशोक सिंह तंवर से। कांग्रेस ने भी अपना सिम्बल बंद लिफाफे में रिटर्निंग अधिकारी के हवाले किया है। गुरुवार को नामांकन पत्रों की संवीक्षा की जानी है, उस दौरान ही पार्टियों के प्रत्याशियों का खुलासा हो सकेगा।
- सुबह 10 बजे रिटर्निंग अधिकारी वीरेंद्रसिंह नगरपरिषद कार्यालय पहुंचे। उन्होंने 36 नंबर के वार्ड पार्षद साजिद खां को पद की शपथ दिलाई।
- सुबह 11 बजे के बाद भाजपा के निकाय चुनाव प्रभारी भोपालङ्क्षसहभड़ला अन्य पार्टी नेताओं के साथ सिम्बल के साथ नगरपरिषद कार्यालय पहुंचे। तब तक सभी नामांकन करने वाले पार्षदों का इंतजार करने लगे।
- दोपहर 12.20 बजे दो वाहनों में भाजपा के सभापति पद के दावेदार अरुण पुरोहित और विजय डांगरा, 2 नवनिर्वाचित पार्षदों मुकेश नागौरी और डूंगराराम व पार्टी नेताओं के साथ नगरपरिषद कार्यालय परिसर में पहुंचे। इस दौरान वहां गहमागहमी का माहौल रहा।
- पहले रिटर्निंग अधिकारी ने चारों नए पार्षदों को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा और बाद में पद की शपथ दिलाई। उसके बाद अरुण पुरोहित और विजय डांगरा ने बारी-बारी से अपना नामांकन पत्र पेश किया। पुरोहित के प्रस्तावक मुकेश नागौरी व डांगरा के डूंगराराम बने।
- दोपहर करीब 12.45 बजे कांग्रेस की तरफ से हारे हुए प्रत्याशी निर्मल पुरोहित ने सभापति पद का नामांकन पत्र पेश किया। अशोक तंवर उनके प्रस्तावक बने।
- दोपहर बाद करीब 2.30 बजे कांग्रेस की तरफ से अशोक तंवर ने एक और नामांकन पत्र पेश किया। उनकी बहन और निर्वाचित पार्षद प्रेमलता चौहान उनकी प्रस्तावक बनी।
- दोपहर 3 बजे रिटर्निंग अधिकारी ने नामांकन प्रक्रिया संपन्न होने की घोषणा की और बताया कि गुरुवार को इनकी संवीक्षा की जाएगी।
वर्ष 2019 में हुए गत जैसलमेर नगरपरिषद चुनाव के बाद में सभापति के चुनाव में भारी उलटफेर हुआ था। उस समय कांग्रेस की तरफ पार्षद बने हरिवल्लभ कल्ला ने टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय सभापति का चुनाव लड़ा और बाजी मार ले गए थे। हालांकि बाद में वह तुरंत कांग्रेस में शामिल हो गए। उस चुनाव में दोनों पार्टियों में व्यापक स्तर पर मतों का बिखराव हुआ था। संभवत: यही कारण है कि दोनों पार्टियों विशेषकर स्पष्ट बहुमत प्राप्त भाजपा ने इस बार फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाने की रणनीति अपनाई है। पार्टी ने किसी भी तरह की बगावत या मतों के बिखराव की स्थिति नहीं आने देने के लिए सभापति की टिकट को गोपनीय बनाए रखा है। पार्टी के सभी निर्वाचित पार्षद निरंतर बाड़ेबंदी में रखे हुए हैं। बहुमत से दूर रह गई कांग्रेस भी मुकाबले को रोचक बनाने में पूरा जोर लगा रही है।
नगरपरिषद में बुधवार को भाजपा की तरफ से प्रभारी भोपालसिंह के अलावा प्रदेश मंत्री आईदानसिंह भाटी, जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा, जिलामंत्री कंवराजसिंह चौहान, सह प्रभारी जगदीश देवासी, विधायक के निजी सहायक दीपसिंह आदि तथा कांग्रेस की ओर से जिलाध्यक्ष अमरदीन फकीर, अशोक सिंह तंवर, धर्मेंद्र आचार्य, नवनिर्वाचित पार्षद मेघराजङ्क्षसह, प्रेमलता चौहान आदि डटे हुए नजर आए।
Updated on:
16 Sept 2026 09:16 pm
Published on:
16 Sept 2026 09:16 pm
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