जैसलमेर

Jaisalmer: बढ़े चौकसी तो रुके तस्करी, फलोदी, जोधपुर और बाड़मेर से पहुंच रही खेप

पोकरण क्षेत्र में स्मैक और एमडीएमए जैसे खतरनाक रसायनिक नशे युवाओं के बीच तेजी से फैलते जा रहे हैं, जिससे गंभीर सामाजिक चिंता बढ़ गई है। पुलिस की सख्ती के दावों के बावजूद तस्कर खुलेआम विभिन्न रूटों से नशे की खेप सीमावर्ती इलाकों तक पहुंचा रहे हैं। दो राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े इस क्षेत्र में नशे का नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है।

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Jun 15, 2026
jaisalmer crime news photo
एआई फोटो।

पोकरण. सरहदी जिले के परमाणु नगरी क्षेत्र में स्मैक और एमडीएमए युवाओं की नशों में घुलने लगा है। कहने को और कागजों में पुलिस भले ही मुस्तैद हो, लेकिन धरातल पर कई थानों व पुलिस चौकियों के सामने से तस्कर गाडिय़ां पार कर सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे की आपूर्ति कर रहे है। गौरतलब है कि पोकरण कस्बे के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों और जिलेभर में गत कुछ वर्षों से रसायनिक नशे एमडीएमए की पहुंच होने लगी है। जिससे युवा नशे के आदि हो रहे है और आमजन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। साथ ही स्मैक की भी आवक हो रही है। जिससे युवा नशे के दलदल में फंसता जा रहा है। पोकरण कस्बा दो राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ा है। साथ ही जिले का प्रवेश द्वार भी है। ऐसे में जोधपुर, बीकानेर, फलोदी व बाड़मेर रूटों से तस्कर अपनी खेप यहां तक पहुंचा रहे है।

हकीकत यह भी

बीते कुछ वर्षों में पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई पर नजर डालें तो अफीम, डोडापोस्त के साथ ही स्मैक व एमडीएमए के विरुद्ध नकेल कसी जा रही है। क्षेत्र के पुलिस थानों मेें माल पकड़ा भी गया है, लेकिन माल पकडऩे के बाद आपूर्तिकर्ता तक पुलिस नहीं पहुंच पा रही है। हर बार प्रथम सूचना रिपोर्ट तैयार करते समय उसमें नाम भी लिखा होता है कि व्यापारी ने माल इस व्यक्ति से खरीदा है, लेकिन डीलर तक पहुंच नहीं होने के कारण तस्करी बेरोकटोक जारी है।

इन रूटों से आ रहा जहर

जोधपुर - जोधपुर से आने वाले डीलर तिंवरी, देचू, ढढु, एकां होते हुए, जोधपुर से बालेसर, सेतरावा, रातडिय़ा, ऊजला होते हुए पोकरण पहुंचते है।

फलोदी - फलोदी से आने वाले तस्कर सीधे रास्ते अथवा खारा से उग्रास, एकां होते हुए पोकरण पहुंच जाते है।

बाड़मेर - बाड़मेर से शिव से फलसूंड, शिव से सांकड़ा, फतेहगढ़ से सांकड़ा होते हुए कई ग्रामीण रूट है। जहां से आसानी से बिना पुलिस की नजर में आए पोकरण पहुंचा जा सकता है।

चौकसी बढ़ें तो टूटे नटवर्क

इन रूटों से तस्कर नजर बचाकर पोकरण और आगे जैसलमेर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में नशे की आपूर्ति कर देते है। अधिकांश पुलिस थाने हाइ-वे पर ही स्थित है, लेकिन कड़ी नाकाबंदी के अभाव में नजर बचाते हुए तस्कर सीधे अपने निर्धारित जगह तक पहुंच जाते है। यदि पुलिस की ओर से चौकसी बढ़ाई जाती है और नाकाबंदी को कड़ा किया जाता है तो नेटवर्क को तोड़ा जा सकता है।

कड़ी की जाएगी व्यवस्था

तस्करों को रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे है। प्रत्येक पुलिस थाने के आगे नाकाबंदी भी होती है। पूरे क्षेत्र का एक बार अध्ययन कर व्यवस्था को कड़ी करने के लिए कार्य किया जाएगा। व्यापारियों को पकडऩे के लिए डीलर तक भी पहुंच बढ़ाई जा रही है। उन्हें भी पकड़ा जाएगा।

- बुद्धाराम विश्नोई, वृताधिकारी पुलिस, पोकरण

Published on:
15 Jun 2026 08:50 pm