
आज का सवाल- जैसलमेर में विशेषज्ञ चिकित्सकों का अभाव कितनी बड़ी परेशानी का कारण है और इस कमी को कैसे दूर किया जा सकता है?
सीमावर्ती जैसलमेर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी आज भी गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है। इसी मुद्दे पर आयोजित 'संडेबोल' में नागरिकों ने अपनी राय रखते हुए स्थायी विशेषज्ञ नियुक्ति, आधुनिक सुविधाओं और सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं की आवश्यकता पर जोर दिया। उनका कहना है कि इन कमियों के कारण मरीजों को उपचार के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता है।
जैसलमेर जैसे विशाल भौगोलिक जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी सबसे बड़ी चुनौती है। हृदय रोग, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी और ट्रॉमा जैसे मामलों में मरीजों को जोधपुर या अन्य बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता है। नए मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में विशेषज्ञों की शीघ्र नियुक्ति के साथ आकर्षक सेवा सुविधाएं दी जाएं तो स्थिति में बड़ा सुधार आ सकता है।
- सुधांशु कल्ला
सीमावर्ती जिले के लोगों को बेहतर चिकित्सा का अधिकार है। विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं होने से गरीब परिवारों पर आर्थिक और मानसिक बोझ बढ़ता है। सरकार को स्थायी पदों पर भर्ती करने के साथ दूरस्थ क्षेत्र में सेवा देने वाले विशेषज्ञों के लिए विशेष प्रोत्साहन भत्ता और आवास जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
- प्रेमसिंह राठौड़
जैसलमेर में विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। इलाज के लिए दूसरे शहरों की दौड़ मरीजों की मजबूरी नहीं, व्यवस्था की नाकामी है और यह स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव विकास के दावों पर बड़ा सवाल है।
- उपेन्द्र गोगली
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए केवल भर्ती पर्याप्त नहीं है। मेडिकल कॉलेज को सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं, टेलीमेडिसिन, नियमित विजिटिंग कंसल्टेंट व्यवस्था और रेजिडेंट डॉक्टरों के प्रशिक्षण से जोडऩा होगा। इससे स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ सेवाएं मजबूत होंगी और रेफरल का दबाव भी कम होगा।
- तेजपाल पंवार
जैसलमेर में पर्यटन सीजन की शुरुआत से पहले प्रशासन को किस तरह की तैयारियां करनी चाहिए? इस विषय पर अपनी फोटो मय प्रतिक्रिया निम्न नम्बर पर भिजवाएं। 9462246222
जैसलमेर. लखू बीरा पुरोहित बगेची के सभी सदस्यों व सहयोगी धड़ों की एक आम सभा रविवार को आयोजित की जाएगी। यह महत्त्वपूर्ण सभा पुरोहित बगेची, गड़ीसर पर शाम 5 बजे शुरू होगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य बगेची के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करना और आगामी योजनाओं पर विचार-विमर्श करना है। इसके अतिरिक्त, होली गोठ सहित अन्य सामाजिक एवं सामुदायिक विषयों पर भी विस्तृत चर्चा की जाएगी। सभी सदस्यों को रविवार शाम पुरोहित बगेची गड़ीसर पहुंचकर आम सभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा गया है। यह जानकारी भंवर लाल बलाणी ने दी।