मरुस्थलीय जैसलमेर जिला शीतलहर की जद में आ गया है। नया वर्ष शुरू होने के साथ कड़ाके की ठंड का शुरू हुआ सिलसिला साल के दूसरे दिन शुक्रवार को और पुरजोर ढंग से जारी रहा।
मरुस्थलीय जैसलमेर जिला शीतलहर की जद में आ गया है। नया वर्ष शुरू होने के साथ कड़ाके की ठंड का शुरू हुआ सिलसिला साल के दूसरे दिन शुक्रवार को और पुरजोर ढंग से जारी रहा। गत गुरुवार की रात इस सीजन की सबसे सर्द रात रही, जब न्यूनतम तापमान 7.7 डिग्री के स्तर तक लुढक़ गया। बर्फानी हवाओं ने सितम ढहाने का काम किया। लोग बंद घरों व गर्म रजाइयों में भी कड़ाके की सर्दी को महसूस कर रहे हैं।
शुक्रवार सुबह आकाश में घना कोहरा छाया हुआ था और दृश्यता पर इसका साफ असर पड़ा। केंद्रीय विद्यालयों में शीतकालीन अवकाश खत्म होने के साथ शुक्रवार को पहली बार घरों से सुबह के समय निकले विद्यार्थियों की कंपकंपी छूट गई। अन्य स्कूलों में रविवार तक अवकाश है और आगामी सोमवार से स्कूल खुलेंगे। लोगों ने अलसुबह सडक़ों के किनारे अलाव ताप कर सर्दी भगाने का प्रयास किया।
मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 20.0 और न्यूनतम 7.7 डिग्री सै. रिकॉर्ड किया गया। एक दिन पहले यह क्रमश: 20.4 व 9.6 डिग्री रहा था। दोपहर में धूप निकली लेकिन सर्द हवाओं के चलने और धूप में तल्खी नहीं होने से लोगों को ठंडक से विशेष राहत नहीं मिली। शाम होते ही एक बार फिर कंपकंपाने वाला माहौल बन गया।