जैसलमेर

JAISALMER NEWS- महाघूसकांड में झुलसा जैसलमेर का निवेश, 40 अरब का कारोबार प्रभावित

पथरा गई आंखे...तीन वर्ष पहले दो सीमेन्ट कम्पनियों ने बढ़ाए थे कदम

2 min read
Jaisalmer patrika
golden city

6 ब्लॉक्स आवंटन को लेकर जारी हुए थे मंशा पत्र
जैसलमेर. भूगर्भीय सम्पदा से भरपूर सीमावर्ती जैसलमेर जिले में सीमेंट उत्पादन इकाइयों की स्थापना का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जैसलमेर में करीब तीन वर्ष पहले दो सीमेंट कंपनियों श्री सीमेंट और लाफार्ज को छह ब्लॉक्स आबंटित करने का मंशा पत्र तक जारी कर दिया गया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में एक कदम आगे नहीं बढ़ा जा सका है। सूत्रों की मानें तो गत अर्से राजस्थान भर में खान आबंटन में ‘महाघूस कांड’ चर्चित हुआ था, उसकी आंच में जैसलमेर की सीमेंट इकाइयों को ब्लॉक्स आबंटन के प्रस्ताव भी झुलस गए। जैसलमेर में चूना पत्थर, जिप्सम के साथ सीमेंट उद्योग में काम आने वाले अन्य पदार्थों की प्रचुरता के साथ भरपूर जमीन तथा नहरी पानी उपलब्ध होने से यहां सीमेंट इकाइयों की स्थापना का ख्वाब बरसों से संजोया हुआ है।

...और पूरे नहीं हुए अरमान
-जैसलमेर जिले में दो सीमेंट कंपनियों ने पूर्व में 2-2 हजार करोड़ रुपए का निवेश करने की इच्छा जताई थी।
-जिले में कुल 6 ब्लॉक पारेवर एनएन-2, पारेवर एसएन-3, पारेवर एसएन-5, मंधा आरएम-1, खींया-2 और खींवसर केएच-4 तय किए गए। इसके लिए खान विभाग ने मंशा पत्र भी जारी कर दिए थे।
-उम्मीद जगी थी कि जिले में सीमेंट के भारी कारखाने स्थापित हो जाएंगे और हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं।

संभावनाएं अपार
-जैसलमेर और इसके पड़ोसी बाड़मेर जिले में लिग्नाईट, ग्रेनाइट, मैग्नाइट, जिप्सम, मार्बल, स्टीलग्रेड लाइम, बेंटोनाइट लाइम स्टोन और मैसेनरी स्टोन के अपार भण्डार हैं।
-जिले में इन्दिरा गांधी नहर आधारित परियोजनाओं से पानी की भी बहुतायत है।
-इन जिलों में लिग्नाइट पॉवर प्रोजेक्ट के लिए उपयोगी राख और जैसलमेर में सोनू में लाइम स्टोन का भरपूर भण्डार होने के बावजूद सीमेंट के कारखाने स्थापित नहीं होना पाना दुर्भाग्यपूर्ण ही कहा जाएगा।

.... तो हर वर्ष होगा 3 मिलियन टन सीमेंट का उत्पादन
-जैसलमेर जिले में सीमेंट उद्योग के जो दो कारखाने प्रस्तावित हैं, वहां प्रत्येक में 3 मिलियन टन सीमेंट प्रतिवर्ष उत्पादित करने की बात कही गई थी।
-इस तरह से 6 मिलियन टन सीमेंट जैसलमेर में निर्मित होती और देश भर में उसकी आपूर्ति होती।
-सरकार ने पूर्व में जैसलमेर से जोधपुरबीकानेर तक कंपनियों को सीमेंट परिवहन पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करने का भी भरोसा दिलाया था।

संसद में गंूजा मसला
-जैसलमेर में सीमेन्ट उद्योग का मसला संसद में भी गूंज उठा था। पिछले दिनों क्षेत्रीय सांसद कर्नल सोनाराम चौधरी ने संसद के बजट सत्र में भाग लेते हुए सीमेंट उद्योग की स्थापना नहीं होने का मसला उठा था। फैक्ट फाइल -
-02 कंपनियों को किए गए थे ब्लॉक आबंटित
-03 वर्ष से अटका हुआ है कार्य
-06 मिलियन टन प्रतिवर्ष होगी उत्पादन क्षमता

राज्य स्तर पर होनी है कार्रवाई
जैसलमेर में सीमेंट ब्लॉक्स के संबंध में अग्रिम कार्रवाई राज्य स्तर पर होनी है। ब्लॉक आबंटन के प्रस्ताव सचिवालय से ही स्वीकृत किए जाएंगे।
-सोहनलाल गुरु , सहायक खनि अभियंता, खान विभाग, जैसलमेर


केन्द्र को कराया है अवगत
यहां रोजगार के साधन नहीं होने से स्थानीय लोग उत्तर-दक्षिणी औद्योगिक नगरों और महानगरों में रोजगार के लिए पलायन करते हंै। वर्तमान में 20 हजार मैट्रिक टन लाइम स्टोन का निर्यात प्रतिदिन जैसलमेर के सोनू से किया जा रहा है। केन्द्र व राज्य सरकार इस संबंध में विशेष रुचि दिखाए।
-सोनाराम चौधरी, सांसद, बाड़मेर-जैसलमेर

IMAGE CREDIT: patrika
Published on:
12 Apr 2018 11:03 am