
जैसलमेर. नगरपरिषद आम चुनाव-2026 में बुधवार को जैसलमेर में मतदाताओं ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मजबूत भागीदारी दर्ज कराई। शहर के 44 वार्डों में हुए मतदान में 80.95 प्रतिशत मतदान हुआ। कुल 35,837 मतदाताओं में से 29,009 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही कतारें नजर आईं और दिनभर महिलाओं, युवाओं तथा बुजुर्गों की सक्रिय भागीदारी बनी रही। नगर परिषद के 45 वार्डों में वार्ड 23 में निर्विरोध निर्वाचन होने से 44 वार्डों में मतदान हुआ। निर्वाचन नियंत्रण कक्ष के अनुसार सुबह 10 बजे तक 21.96 प्रतिशत, दोपहर 1 बजे तक 47.11 प्रतिशत, अपराह्न 3 बजे तक 63.77 प्रतिशत और शाम 6 बजे तक 79.66 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अंतिम आंकड़ा 80.95 प्रतिशत रहा। चुनाव पर्यवेक्षक नवनीत कुमार, जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलक्टर अनुपमा जोरवाल और पुलिस अधीक्षक अभिषेक शिवहरे ने विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मतदान व्यवस्था, मतदाता सुविधाओं और सुरक्षा इंतजामों की स्थिति देखी।
सुबह 10 बजे : 21.96 प्रतिशत
दोपहर 1 बजे : 47.11 प्रतिशत
दोपहर 3 बजे : 63.77 प्रतिशत
शाम 6 बजे : 79.66 प्रतिशत
अंतिम मतदान प्रतिशत---- 80.95 प्रतिशत
जैसलमेर @ पत्रिका. नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 के तहत बुधवार को नगर परिषद जैसलमेर में मतदान हुआ। इस दौरान लोकतंत्र के प्रति आस्था का दृश्य दिखा। पाक विस्थापित दंपती लंगा और खीया राम भील ने भारतीय नागरिकता मिलने के बाद पहली बार अपने मताधिकार का एक्सपेरिमेंट कर लोकतंत्र के महापर्व में सहभागिता निभाई। मतदान केंद्र संख्या 10 पर पहुंचकर दंपती ने उत्साहपूर्वक मतदान किया। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले खीया राम भील ने मतदान के बाद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत की नागरिकता मिलने के बाद आज पहली बार मुझे और मेरी धर्मपत्नी को लोकतंत्र के उत्सव में भागीदार बनने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि मैं बेहद खुश हूं और अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं कि मैं भारत का नागरिक हूं। यह अवसर जीवनभर यादगार रहेगा।
जैसलमेर. जैसलमेर में नगरपरिषद चुनाव के दौरान शहर के वार्ड संख्या 29 के सुथार पाड़ा स्थित विद्यालय में मतदान केंद्र में बुधवार को दिन में फर्जी मतदान के आरोप में दो महिलाओं को पकड़ा गया। उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया। बताया जाता है कि बीच कथित फर्जी वोटिंग का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार मतदान केंद्र पर मौजूद एजेंट को दो महिलाओं पर शक हुआ। आरोप है कि दोनों महिलाएं किसी अन्य मतदाता के नाम पर वोट डालने पहुंची थीं। पूछताछ में महिलाओं ने कथित तौर पर खुद को मध्यप्रदेश निवासी बताया। एक महिला ने अपना नाम कमली बताते हुए कहा कि उसे एक पार्टी विशेष के पक्ष में वोट डालने के लिए कहा गया था। महिला ने बताया कि वह अनपढ़ है और उसे कोई व्यक्ति यहां लेकर आया है। आरोप है कि मतदान के बाद आधार कार्ड की जांच में एक महिला द्वारा ललिता नाम की मतदाता के स्थान पर वोट डालने की बात सामने आई। मामले को लेकर वार्ड नंबर 29 के निर्दलीय प्रत्याशी के एजेंट ने भी आरोप लगाए। बाद में दोनों महिलाओं को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
दूसरी तरफ वार्ड संख्या 35 में एक निर्दलीय प्रत्याशी ने एक अन्य प्रत्याशी के एजेंट पर वृद्ध महिला मतदाता के स्थान पर स्वयं इवीएम का बटन दबाने का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वृद्धा मतदाता की जगह पर अन्य प्रत्याशी के एजेंट ने मतदान कर दिया। इसे लेकर काफी देर तक बूथ के बाहर हंगामे की स्थिति बनी रही। बाद में समझाइश से मामला शांत हुआ।