Jaisalmer Tubewell News: क्या ट्रक और मशीन को बोरवेल से बाहर निकाला जा सकता है? इसके जवाब में विशेषज्ञों ने चौंकाने वाली बात कही है।
राजस्थान के जैसलमेर में बोरिंग के दौरान निकले पानी के तेज फव्वारे और जमीने धंसने का अध्ययन कर रहे भू-वैज्ञानिक ने महत्वपूर्ण जानकारी दी है। क्या ट्रक और मशीन को बोरवेल से बाहर निकाला जा सकता है? इसके जवाब में विशेषज्ञों ने चौंकाने वाली बात कही है। उन्होंने कहा कि ट्रक और मशीन को बोरवेल से बाहर निकाले जाने के बाद फिर से पानी का प्रवाह शुरू होने की संभावना है। ऐसे में स्थिति और खराब हो सकती है। उन्होंने कहा कि संभावना है कि बोरवेल में मशीन के नीचे चले जाने की वजह से पानी का प्रवाह बंद हो गया हो। ऐसे में अगर मशीन को बोरवेल से बाहर निकाला जाए तो फिर से पानी निकल सकता है।
घटना का अध्ययन कर रहे विशेषज्ञ ने बताया कि यह पानी किसी नदी का नहीं है। उन्होंने कहा कि अब तक के अध्ययनों से पता चलता है कि यह पानी समुद्र का है। पानी के साथ मिली मिट्टी और खनिज लवण समुद्र के पानी में पाए जाते हैं। ऐसे में इसकी पूरी संभावना है कि बोरवेल से निकला पानी समुद्र का हो सकता है। हालांकि घटना का अध्ययन अभी जारी है।
उल्लेखनीय है कि जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र के 27 बीडी में चक 3 जोरावाला माइनर के एक खेत में बोरवेल की खुदाई के दौरान पानी की धारा निकली। जो करीब 41 घंटे तक लगातार जारी रही। इस दौरान जिला प्रशासन ने आसपास रहने वाले लोगों को अलर्ट कर बोरवेल के पास जाने पर रोक लगा दी। इसके बाद ओएनजीसी के विशेषज्ञ और भूगर्भशास्त्री मौके पर पहुंचे और घटना का अध्ययन शुरू किया। घटना को 5 दिन हो चुके हैं। धारा का बहाव तो बंद हो गया है लेकिन फिर से पानी आने और केमिकल रिसाव का डर अभी भी बना हुआ है।