सरहदी जैसलमेर जिले में एक बार फिर मौसम ने रंग बदले। सुबह ठिठुरन बनी रही, जिससे हल्के ऊनी कपड़े पहनना जरूरी हो गया। भोर में सूरज उगते ही तापमान धीरे-धीरे बढ़ा, लेकिन सुबह की ठंडी हवाओं ने लोगों को अलर्ट रखा। दोपहर के समय सूरज की किरणें तेज़ थीं, जिससे धूप में निकलना थोड़ा कठिन हो गया।
सरहदी जैसलमेर जिले में एक बार फिर मौसम ने रंग बदले। सुबह ठिठुरन बनी रही, जिससे हल्के ऊनी कपड़े पहनना जरूरी हो गया। भोर में सूरज उगते ही तापमान धीरे-धीरे बढ़ा, लेकिन सुबह की ठंडी हवाओं ने लोगों को अलर्ट रखा। दोपहर के समय सूरज की किरणें तेज़ थीं, जिससे धूप में निकलना थोड़ा कठिन हो गया।
हवा की गति 20 किलोमीटर प्रति घंटा के आसपास रही, जिससे हल्की ठंडी बयार चल रही थी। इस वजह से दिन के समय तापमान थोड़ी राहत महसूस कराई। ह्युमिडिटी 62 प्रतिशत रहने से वातावरण थोड़ा उमस भरा भी रहा, खासकर दोपहर में। रात में फिर से ठंडी बयार बढ़ गई, जिससे सुबह की तरह ही ठिठुरन महसूस हुई।
चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि दिन और रात के तापमान में भारी अंतर से बुजुर्ग और बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बुधवार को अधिकतम तापमान 27.7 और न्यूनतम तापमान 12.3 डिग्री दर्ज किया गया।