जैसलमेर

कच्छ में गोडावण चूजा गायब… कड़ी सुरक्षा पर उठे सवाल

गुजरात के कच्छ स्थित नलिया क्षेत्र में गोडावण का एक चूजा संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया है। इस घटना ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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Apr 29, 2026

गुजरात के कच्छ स्थित नलिया क्षेत्र में गोडावण का एक चूजा संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया है। इस घटना ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि वन विभाग स्तर पर अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार 18 अप्रेल के बाद से चूजा दिखाई नहीं दिया है। यह चूजा जैसलमेर के सम स्थित गोडावण ब्रीडिंग सेंटर से लाए गए फर्टाइल अंडे से निकला था।

गत 21 मार्च 2026 को इस अंडे को विशेष पोर्टेबल इनक्यूबेटर में रखकर करीब 770 किलोमीटर दूर कच्छ के नलिया तक 19 घंटे में पहुंचाया गया। वहां इसे मादा गोडावण के घोंसले में रखा गया, जिसे सेरोगेसी या जंपस्टार्ट तकनीक कहा जाता है। 26 मार्च को अंडे से चूजा निकलने को संरक्षण की बड़ी सफलता माना गया था। चूजे के जन्म के बाद सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घोंसले के आसपास 50 से अधिक गार्ड तैनात थे और 24 घंटे निगरानी रखी जा रही थी। क्षेत्र में आने-जाने वाले रास्तों को बंद कर वॉच टावरों से दूरबीन के जरिए नजर रखी जा रही थी। इसके बावजूद 18 अप्रैल के बाद चूजा नहीं दिखा। सूत्रों के अनुसार सुरक्षा घेरे में कुछ स्थानों पर खाली जगह रह गई थी। आशंका है कि किसी कुत्ते, सियार या जंगली बिल्ली ने घुसकर 26 दिन के चूजे को शिकार बना लिया। अब तक कोई अवशेष नहीं मिला है, जिससे उसके जीवित होने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। गोडावण संरक्षण से जुड़े वाइल्ड लाइफ बायोलॉजिस्ट सुमित डूकिया के अनुसार स्थानीय स्तर पर चूजे के लापता होने की पुष्टि हुई है। गोडावण के चूजों की मृत्यु दर अधिक होती है, लेकिन इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद घटना होना चिंता का विषय है और इसकी जांच आवश्यक है।

गोडावण राजस्थान का राज्य पक्षी है और इसकी संख्या 150 से भी कम रह गई है। विशेषज्ञों के अनुसार हाईटेंशन लाइनों और शिकारियों से सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना बेहद जरूरी है, ताकि इस विलुप्तप्राय प्रजाति को बचाया जा सके।

ग्राम रथ और लोक कला जत्थों से योजनाओं का प्रसार

जैसलमेर जिले में संचालित ग्राम रथ अभियान जनभागीदारी की नई मिसाल बन रहा है। जिला कलक्टर अनुपमा जोरवाल के निर्देशन में राज्य सरकार योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से 28 अप्रैल को जैसलमेर और पोकरण विधानसभा क्षेत्रों से शुरू हुए इस अभियान को जनसमर्थन मिल रहा है। ग्राम रथों का विभिन्न ग्राम पंचायतों में पारंपरिक ढोल-थाली के साथ भव्य स्वागत किया जा रहा है। रथों पर लगी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से योजनाओं और नवाचारों का प्रभावी प्रदर्शन किया जा रहा है, वहीं लोक कलाकारों के कला जत्थे चौपालों के जरिए सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मनोरंजन के साथ योजनाओं का संदेश जन-जन तक पहुंचा रहे हैं।

Published on:
29 Apr 2026 09:22 pm
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