जैसलमेर

Jaisalmer News: ‘रेगिस्तान’ में जमीन से पानी के रिसाव कोे लेकर बड़ा अपडेट, कभी भी हो सकता है जहरीली गैस का रिसाव और विस्फोट, अलर्ट जारी

Jaisalmer Tubewell Video: क्षेत्र में जमीन धंसने और विस्फोट होने की संभावना बनी हुई है। इसलिए जिला कलेक्टर ने धारा 163 लगाई थी, जो कि अभी भी प्रभावी है।
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Dec 30, 2024
jaisalmer tubewell video

जैसलमेर में मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में शनिवार को ट्यूबवेल खुदाई के दौरान पानी का फव्वारा फूटने के मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है। दरअसल बीती रात पानी का रिसाव अपने आप बंद हो गया है। इससे प्रशासन और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

अपने आप बंद हुआ रिसाव

उप तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट ललित चारण ने बताया कि जैसलेर के मोहनगढ़ उप तहसील के 27 बीडी के जोरा माइनर पर ट्यूबवेल खोदते समय जमीन से पानी और गैस रिसाव की घटना हुई थी। इसके बाद बीती रात करीब 10 बजे पानी का रिसाव अपने आप बंद हो गया है।

फिर रिसाव की आशंका

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इस जगह किसी भी वक्त रिसाव फिर से शुरू हो सकता है। ऐसे में जहरीली गैस का भी रिसाव हो सकता है। उन्होंने कहा कि जमीन धंसने और विस्फोट होने की संभावना बनी हुई है। इसलिए जिला कलेक्टर ने क्षेत्र में धारा 163 लगाई थी, जो कि अभी भी प्रभावी है।

काश्तकार को किया पाबंद

उन्होंने आम जनता से अपील की है कि कोई भी ग्रामीण ट्यूबवेल के 500 मीटर के क्षेत्र में प्रवेश नहीं करेगा। इसके साथ ही मवेशियों को भी क्षेत्र में जाने से रोकने की बात कही है। उन्होंने बताया कि खेत के काश्तकार को पाबंद किया है कि जब तक विशेषज्ञों की राय न आए, तब तक फंसे हुए उपकरणों को बाहर निकालने की कोशिश न करें।

मंजर देख ग्रामीण डरे

आपको बता दें कि एक किसाने के खेत में ट्यूबवेल के लिए बोरिंग का काम चल रहा था। इस दौरान अचानक जमीन फट गई और पानी का तेज फव्वारा फूट पड़ा। ऐसे में मशीन और ट्रक जमीन में दफन हो गए। वहीं जमीन से भारी प्रेशर के साथ पानी और गैस निकलने लगी। यह मंजर देखकर ग्रामीण भी डर गए। आशंका जताई है कि यहां और बड़े एरिया में भूमि धंसाव और विस्फोट हो सकता है।

विशेषज्ञों ने किया निरीक्षण

अतिरिक्त जिला कलेक्टर पवन कुमार ने बताया कि केयर्न एनर्जी कंपनी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने निरीक्षण किया है और जल्द ही इसकी रिपोर्ट दी जाएगी। उसके बाद ही आगे की कार्यवाही हो पाएगी। भूमि से निकले पानी वाले इलाके में प्रशासन व पुलिस की ओर से निगरानी की जा रही है।

इस संबंध में भू-जल वैज्ञानिक डॉ. नारायणदास इणखिया का कहना था कि भूमि से पानी काफी वेग से निकल रहा था। गैस के साथ निकले पानी में भूमिगत चिकनी मिट्टी भी निकली थी। इस मिट्टी की वजह से फसलों को नुकसान होने की आशंका है।

Updated on:
30 Dec 2024 12:00 pm
Published on:
30 Dec 2024 11:31 am