
जैसलमेर के मोहनगढ़ नहरी क्षेत्र में शनिवार को ट्यूबवेल की खुदाई के दौरान जमीन में से पानी का फव्वारा फूट पड़ा था। 27 बीडी के चक तीन जोरावाला माइनर में निकल रहे पानी की वजह से खेत ने तालाब का रूप ले लिया। पानी के दबाव के कारण 15 से 20 फीट की चौड़ाई में गहरा गड्ढा होने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं भूजल रिसाव के मामले में जैसलमेर जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पुख्ता प्रबन्ध किए जा रहे हैं। जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रतापसिंह ने मोहनगढ़ की सुथार मंडी के 27 बीडी क्षेत्र में पानी की अनियंत्रित निकासी वाले बोरवेल के 500 मीटर परिधि को निषिद्ध क्षेत्र घोषित कर आम नागरिकों के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया है।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर पवन कुमार ने बताया कि अनियंत्रित निकासी वाले बोरवेल का केयर्न एनर्जी कंपनी के विशेषज्ञ अधिकारियों ने निरीक्षण किया गया है एवं उनके द्वारा अतिशीघ्र कारणों का अध्ययन कर रिपोर्ट दी जाएगी और इस पर नियंत्रण की उपचारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने बताया कि मोहनगढ़ विकास अधिकारी की ओर से भराव क्षेत्र से पानी निकासी के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं, वहीं जोधपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से जल भराव क्षेत्र में आने वाली बिजली लाइनों की वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है।
जिले में उप तहसील मोहनगढ स्थित सुथार मण्डी के 27 बीडी क्षेत्र में बोरवेल की खुदाई के दौरान अचानक अनियंत्रित पानी एवं गैस निकलने से आपदा की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट प्रतापसिंह ने सुथार मण्डी के 27 बीडी के आस-पास के क्षेत्र में आमजन के आवागमन पर प्रतिबंध लगाया है।
आपको बता दें कि ट्यूबवेल खुदाई के दौरान पानी काफी तेजी से निकला। ऐसे में ट्यूबवेल खुदाई मशीन व ट्रक वहीं पर फंस गए थे, जो धीरे-धीरे पानी के चलते बने गहरे गड्ढे में समा गए। रविवार की सुबह ट्रक और खुदाई मशीन नजर नहीं आई।
वहीं किसान में काफी परेशान नजर आ रहे हैं। दरअसल खेतों में इस वक्त जीरा, चना और सरसों की फसलें लहलहा रही हैं। पानी नहीं था और उनके खेतों तक पहुंच गया तो फसलें नष्ट हो जाएंगी। क्षेत्र में एक खेत में ट्यूबवेल की 850 फीट से अधिक खुदाई के करने के दौरान जमीन से पानी का फव्वारा फूटा था।
Updated on:
30 Dec 2024, 10:14 AM IST
Published on:
30 Dec 2024, 9:54 AM IST
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