
जैसलमेर जिले के फतेहगढ़ उपखंड क्षेत्र के कोठा गांव में कार्यरत सोलर कम्पनी की ओर से खेजड़ी के पेड़ काटे जाने की सूचना मिलने पर स्थानीय ग्रामीण भडक़ गए। मंगलवार देर रात ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कम्पनी कार्यालय के गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने इस मामले में कम्पनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की। झिनझिनयाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से समझाइश का प्रयास किया। शुरुआत में ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। झिनझिनयाली थाना प्रभारी सुमेर सिंह ने बताया कि अपराह्न करीब 3 बजे ग्रामीण और पर्यावरण प्रेमी धरना उठाने पर सहमत हो गए। इससे पहले कम्पनी की ओर से आश्वासन दिया गया कि भविष्य में खेजड़ी जैसा वृक्ष कतई नहीं काटा जाएगा। बताया जाता है कि करीब 4 महीने पहले खेजड़ी के 2 पौधे ही काटे गए थे।
इससे पहले कोठा गांव में हरित ऊर्जा प्रोजेक्ट से जुड़ी निजी सौर ऊर्जा कंपनी के गेट पर खेजड़ी के पेड़ काटने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कटे हुए पेड़ सैकड़ों साल पुराने हैं और यह काम बिना जानकारी के किया गया। उन्होंने खेजड़ी जैसे संरक्षित और राज्य वृक्ष की कटाई रोकने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की भी मांग की ताकि भविष्य में इसकी अवैध कटाई पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सके। उन्होंने मांग की कि जिनकी ओर से खेजड़ी काटी जाती है, उन पर अर्थदंड लगाया जाए, जिन्होंने खेजड़ी के पेड़ काटे हैं, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। थानाधिकारी सुमेरसिंह ने बताया कि मामला शांत हो गया है।
Updated on:
11 Feb 2026 09:05 pm
Published on:
11 Feb 2026 09:04 pm
