
जैसलमेर. पश्चिमी राजस्थान के जैसलमेर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में प्रचण्ड गर्मी और उमस के बीच पेयजल के अभाव से जीवन निरीह होता जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर ध्यान देने की बजाए बैठकों में निर्देश देकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर रहे है। जिससे आमजन की परेशानी कम नहीं हो पा रही। जिले के अनेक गांव ऐसे है, जहां पानी के अभाव में पशुओं और वन्यजीव प्यासे ही मर रहे है। पशु सूखी पड़ी पशुखेलियों पर पानी की आस में मंडराते हुए मरणासन्न की ओर जा रहे है।
एक माह से जलापूर्ति बंद
पोकरण. क्षेत्र के बरड़ाना गांव में एक माह से जीएलआर व पशुकुण्ड में जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से रु-ब-रु होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि बरड़ाना गांव में जलदाय विभाग का नलकूप स्थित है। जिसका संधारण एक निजी फर्म की ओर से किया जाता है। गांव में अलग-अलग दो जीएलआर व पशुखेलियां निर्मित है, जिन्हें जलदाय विभाग की ओर से गांव के ही नलकूप से ही पाइप लाइन से जोड़ा गया है। गत एक माह से ठेकेदार की ओर से न तो नलकूप शुरू किया जा रहा है, न ही गांव में जलापूर्ति की जा रही है।
भीषण गर्मी के मौसम में ग्रामीणों को मजबूरन महंगे दामों में ट्रैक्टर टंकियों से पानी खरीदकर मंगवाना पड़ रहा है तथा ग्रामीणों की ओर से ही जनसहयोग से राशि एकत्र कर ट्रैक्टर टंकियों से पशुखेलियों में पानी डाला जाता है, लेकिन गांव में पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण कुछ ही देर में पानी खत्म हो जाता है। ऐसे में प्यास के मारे पशु जंगल में दम तोड़ रहे है। रविवार को एकादशी के अवसर पर ग्रामीणों की ओर से पशुखेलियों में ट्रैक्टर टंकियों से पानी डलवाया गया। जबकि जलदाय विभाग की ओर से जीएलआर व पशुखेलियों में जलापूर्ति नहीं की जा रही है।
जलापूर्ति बंद, ग्रामीण परेशान
लाठी गांव में गत आठ दिनों से जलापूर्ति बंद होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल संकट से रूबरू होना पड़ रहा है। गांव के मुस्लिम पाड़ा, दर्जी पाड़ा, मेघवंशी पाड़े में जीएलआर निर्मित है। जिनमें गांव के नलकूप से पानी की आपूर्ति की जाती है। गत आठ दिनों से नलकूप खराब होने के कारण जीएलआर में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे ग्रामीणों व मवेशी को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। गांव के जमालदीन, बगदादखां, कुंडेखां, लतीफखां, शेरखां, हकीमखां, अहमदखां, जूंझारखां सहित ग्रामीणों ने जलदाय विभागाधिकारियों को ज्ञापन प्रेषित कर नलकूप को ठीक करवाने व जलापूर्ति सुचारु करवाने की मांग की है।