जैसलमेर

रामदेवरा में आज से शुरू होगा यह मेला,श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला शुरू

आज से शुरू होगा माघ मेला-भा'दवा मेले की तर्ज पर नहीं होती अतिरिक्त व्यवस्थाएं
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Feb 06, 2019
jaisalmer
रामदेवरा में आज से शुरू होगा यह मेला,श्रद्धालुओं का आने का सिलसिला शुरू

पोकरण/रामदेवरा. गांव में भा'दवा मेले के बाद दूसरा बड़ा मेला बुधवार को शुरू होगा। बाबा रामदेव की समाधि स्थल के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं का यहां आने का सिलसिला शुरू हो चुका है। मंदिर परिसर एवं उसके आसपास इन दिनों व्यापक चहल पहल बनी हुई है। कई दिनों के पश्चात देशी विदेशी पर्यटकों की व्यापक चहल पहल दिखाई देने लगी है। माघ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने के लिए गुजरात के अहमदाबाद, सूरत, जामनगर, राजकोट के अलावा मुंबई, पुणे, बंगलुरू, हैदराबाद, कोलकाता के अलग-अलग हिस्सों से हजारों लोग रामदेवरा पहुंचेंगे। माघ मेले के शुरू होने से हजारों की तादाद में श्रद्धालु बाबा रामदेव की समाधि के दर्शन करने पहुंच रहे हैं। गांव में स्थित धर्मशालाओं व होटलों में भी चहल पहल बढ़ गई है। गांव में आगामी एक पखवाड़े तक माघ मेले की रेलमपेल बनी रहेगी। दुकानदारों ने भी माघ मेले को लेकर अपनी-अपनी दुकानों को विशेष रूप से सजा संवारकर कर माल भरा है। भा'दवा मेला के पश्चात् दूसरा सबसे बड़ा मेला माना जाता है। इसलिए व्यापारी दुकानदारों ने अपनी तैयारी कर ली है। मंगलवार को भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा की समाधि के दर्शन करने पहुंचे। जिससे मंदिर परिसर के आसपास चहल पहल बनी रही।
प्रशासनिक व्यवस्थाओं का अभाव
बाबा रामदेव के अंतरप्रांतीय भा'दवा मेले के बाद वर्ष में लगने वाला माघ मेला दूसरा सबसे बड़ा मेला है। यह मेला भी माघ सुदी द्वितीया से एकादशी तक चलता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु दर्शनों के लिए आते हैं, लेकिन माघ मेले के दौरान भा'दवा मेले की तरह न तो प्रशासनिक व्यवस्थाएं की जाती है, न ही श्रद्धालुओं के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं। ऐसे में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं व सेवाएं नहीं मिल पाती है। भा'दवा मेले में जहां लाखों यात्रियों की आवक के चलते अतिरिक्त पुलिस जाब्ता लगाया जाता है तथा पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, बिजली, रेल सेवाओं, सफाई आदि को लेकर अतिरिक्त इंतजाम किए जाते हैं। जबकि माघ मेले में रामदेवरा थाने में उपलब्ध पुलिस के अधिकारियों व सिपाहियों के भरोसे ही कानून, सुरक्षा, शांति एवं यातायात व्यवस्था रहती है। दूज अथवा किसी दिन श्रद्धालुओं की अधिक आवक होने पर पोकरण पुलिस थाने से अतिरिक्त जाब्ता बुला लिया जाता है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए माघ मेले में न तो चिकित्सा की अतिरिक्त व्यवस्था की जाती है, न ही बिजली, पानी व सफाई को लेकर अतिरिक्त इंतजाम किए जाते है। रोडवेज की अतिरिक्त बसें व अतिरिक्त रेल सेवाएं भी नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को निजी बसों में ही यात्रा करनी पड़ती है। जिससे उन्हें परेशानी भी होती है।

Published on:
06 Feb 2019 10:03 am