करीब सात वर्ष पहले नाबालिग को शादी की नियत से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एक व्यक्ति ने 7 जनवरी 2019 को रिपोर्ट पेश की थी कि वह परिवार के साथ एक नलकूप पर काश्त का कार्य करता है।
करीब सात वर्ष पहले नाबालिग को शादी की नियत से बहला-फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। एक व्यक्ति ने 7 जनवरी 2019 को रिपोर्ट पेश की थी कि वह परिवार के साथ एक नलकूप पर काश्त का कार्य करता है।
रात में उसकी 16 वर्ष की नाबालिग पुत्री साथ ही सो रही थी। मध्यरात्रि बाद देखा तो पुत्री नहीं मिली। इधर-उधर तलाश की तो अज्ञात व्यक्ति के साथ उसकी पुत्री के पैरों के निशान दिखाई दिए। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी जगदीशराम को जोधपुर से नाबालिगा के साथ दस्तयाब किया। आरोपी को न्यायालय में पेश कर चालान प्रस्तुत किया गया।
राज्य पक्ष की ओर से दस्तावेज व गवाह प्रस्तुत करवाए गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद न्यायाधीश डॉ.महेन्द्रकुमार गोयल ने आरोपी जगदीशराम को दोषसिद्ध मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 2.5 लाख रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। राज्य पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक समंदरसिंह नरावत ने पैरवी की।