क्षेत्र में आंधी व बारिश आए या न आए। उसके बावजूद मोहनगढ़ कस्बे की बिजली गुल होना आम बात हो गई।
मोहनगढ़. क्षेत्र में आंधी व बारिश आए या न आए। उसके बावजूद मोहनगढ़ कस्बे की बिजली गुल होना आम बात हो गई। नहरी क्षेत्र का सबसे बड़ा कस्बा होने के बावजूद यहां की बिजली व्यवस्था राम भरोसे है। कस्बे में कहने को तो एक कनिष्ठ अभियंता लगा रखा है। उसके बावजूद बिजली की व्यवस्था सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है। हर रोज बिना आंधी बरसात के 33 केवी की लाइन में फॉल्ट की वजह से कभी 24 घंटे तो कभी उससे भी अधिक समय तक के लिए बिजली गुल हो जाती है। बिजली के घंटों गुल रहने से मोहनगढ़ कस्बे के विद्युत चालित व्यवसाय ठप हो जाते है। सरकारी कार्यालयों व बैंकों का कार्य ठप हो जाता है। गुरुवार को पूरे दिन बिजली गुल रही। शाम को कुछ मिनटों के लिए बिजली आई और फिर से गुल हो गई। बिजली गुल रहने से पूरी रात ग्रामीणों को अंधेरे में ही गुजारनी पड़ी, वहीं शुक्रवार दोपहर बाद बिजली बहाल हो पाई। उसके बावजूद बार बार बिजली के आने जाने का दौर जारी रहा।
सांसद का गांव, नहीं है जीएसएस
कस्बे में बिजली की आपूर्ति देवा पोहड़ा वाले रास्ते से की जा रही है। कस्बे में 33 केवी लाइन का जीएसएस भी नहीं बना हुआ है। इस वजह से आए दिन बिजली गुल हो जाती है। बिजली गुल होने का कारण भी विद्युत निगम के अधिकारियों की ओर से 33 केवी की लाइन में फॉल्ट आना बताया जा रहा है। सांसद का गांव होने के बावजूद मोहनगढ़ कस्बे की बिजली व्यवस्था सुधरने का नाम ही नहीं ले रही है। इस संबंध में ग्रामीण साभान खां, हुकम चौधरी, नन्द किशोर खत्री, पुनित वासू, गजेन्द्र सोनी, देवी सिंह आदि का कहना है कि मोहनगढ़ कस्बे की बिजली आए दिन गुल हो जाती है। उसके बावजूद विद्युत निगम द्वारा इस ओर बिल्कुल ही ध्यान नहीं दिया जा रहा है। विद्युत चालित व्यवसाय भी ठप पड़े है। नहरी क्षेत्र का बड़ा कस्बा होने के बावजूद अभी तक कस्बे में 33 केवी का जीएसएस नहीं बना हुआ है। उधर, गुरुवार व शुक्रवार को घंटों बिजली गुल रहने से कार्यालयों व बैंकों के कार्य भी प्रभावित हुए। कस्बे में स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईसीआईसीआई बैंक की ओर से जनरेटर चला कर काम करने को मजबूर होना पड़ा। उधर, बैंक ऑफ बड़ौदा व अन्य कई बैंकों में लगे इन्वर्टर भी जवाब दे गए। इस वजह से बैंक ऑफ बड़ौदा व अन्य कई बैंकों का काम काज प्रभावित हुए।