जैसलमेर

‘मदर लैब’ से बदलेगी जांच व्यवस्था, 10 दिन में शुरू होंगी 145 प्रकार की टेस्टिंग सुविधाएं

सीमावर्ती जैसलमेर जिले में चिकित्सा जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड जांच सेंटर को ‘मदर लैब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है।

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Apr 15, 2026

सीमावर्ती जैसलमेर जिले में चिकित्सा जांच सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड जांच सेंटर को ‘मदर लैब’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना का कार्य अंतिम चरण में है और मशीनरी इंस्टॉलेशन होने के बाद अब अंतिम दौर का कुछ काम बाकी है। विभाग का दावा है कि आगामी 10 दिनों के भीतर यहां नियमित रूप से जांच सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। गौरतलब है कि जैसलमेर के जवाहिर चिकित्सालय में नए भवन का निर्माण करवाने के बाद उसमें मदर लैब संचालित किए जाने की योजना थी, लेकिन इस कार्य में देरी होने के चलते लैब की शुरुआत में आ रही रुकावटों के मद्देनजर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जैसलमेर के गफूर भट्ठा में पूर्व में स्थापित कोविड जांच सेंटर में इस शुरू किया जा रहा है। तकनीकी भाषा में मदर लैब को इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैबोरेट्री (आईपीएचएल) लैब कहा जाता है। इसमें पैथोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन, माइक्रोबॉयलॉजिस्ट, बायोकेमिस्ट की तैनाती होगी।

जैसलमेर में संभव होगी 145 जांचें

जानकारी के अनुसार, मदर लैब में बायोकेमिस्ट्री, हेमेटोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी, सेरोलॉजी सहित कुल करीब 145 प्रकार की जांचें उपलब्ध होंगी। इनमें ब्लड शुगर, लिवर फंक्शन टेस्ट, किडनी फंक्शन टेस्ट, सीबीसी, थायरॉयड प्रोफाइल, यूरिन जांच, संक्रमण से संबंधित विभिन्न टेस्ट और अन्य विशेष जांचें शामिल होंगी। इससे पहले जिले में इन जांचों के लिए सैंपल जोधपुर या अन्य बड़े शहरों में भेजने पड़ते थे, जिससे रिपोर्ट आने में 2 से 5 दिन तक का समय लग जाता था। मदर लैब को जिला अस्पताल से सीधे जोड़ा जाएगा, जहां से सैंपल कलेक्शन, ट्रांसपोर्टेशन और रिपोर्टिंग की पूरी प्रक्रिया डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित होगी। इससे रिपोर्ट जारी करने में पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ेंगी। अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश जांच रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

यहां स्थापित होंगी हब लैब्स

परियोजना के तहत पोकरण और फतेहगढ़ में हब लैब्स भी स्थापित की जा रही हैं। इन हब लैब्स में सैंपल कलेक्शन, प्राथमिक जांच और प्रोसेसिंग की सुविधा रहेगी। यहां से जटिल जांचों के सैंपल को कोल्ड-चेन सिस्टम के माध्यम से जैसलमेर मदर लैब तक भेजा जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को जिला मुख्यालय तक बार-बार आने की आवश्यकता नहीं रहेगी। पोकरण में नए बन रहे अस्पताल में लैब बनेगी, इसमें समय लग सकता है। बताया जाता है कि फतेहगढ़ में इसी महीने में यह काम शुरू हो जाएगा। जानकारी के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए लैब को राज्य स्तरीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।

आएगा गुणात्मक सुधार

जानकारों का मानना है कि इस मदर लैब के शुरू होने से चिकित्सा के लिहाज से पिछड़ा माने जाने वाले जैसलमेर जिले में जांच व्यवस्था में गुणात्मक सुधार होगा। समय पर जांच और रिपोर्ट उपलब्ध होने से रोगों की शीघ्र पहचान और उपचार संभव होगा, जिससे मरीजों की निर्भरता बाहरी शहरों पर कम होगी और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी। मरीजों को निजी जांच केंद्रों व अस्पताल और बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बीमारियों से जुड़ी जांच रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मिलेगी और मरीज के मोबाइल नंबर पर पीडीएफ बनाकर भी भेज दी जाएगी।

अधिकाधिक 10 दिन का समय

जैसलमेर में मदर लैब के रूप में लोगों को जल्द से जल्द बड़ी सौगात मिलेगी। इस काम में अब अधिकाधिक 10 दिन का समय और लगेगा। लैब में करीब 145 प्रकार की जांचों की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

- डॉ. राजेंद्र कुमार पालीवाल, सीएमएचओ, जैसलमेर

Updated on:
15 Apr 2026 08:44 pm
Published on:
15 Apr 2026 08:32 pm
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