
जैसलमेर. आगामी 7 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के साथ सभा व संवाद करने के कार्यक्रम ने जैसलमेर स्थित विभागीय अधिकारियों के होश फाख्ता किए हुए हैं। राज्य सरकार की ओर से तमाम जिला कलक्टरों को लाभार्थियों को जयपुर पहुंचाने के संबंध में बाकायदा लक्ष् य दिए गए हैं। जैसलमेर से हालांकि सबसे कम दो हजार लाभार्थियों को जयपुर ले जाना है, लेकिन यह लक्ष्य भी अधिकारियों के लिए बड़ी मुष्किल बन गया है। लाभार्थियों को जयपुर ले जाने और वापस लाने के लिए बसों की व्यवस्था करना परिवहन विभाग पर भारी पड़ रहा है।
70 बसों की करनी है व्यवस्था
जानकारी के अनुसार दो हजार लाभार्थियों को ले जाने व लाने के लिए जिला परिवहन कार्यालय को 70 बसों का इंतजाम करने के लिए जिला प्रशासन ने निर्देशित किया है। शर्त यह रखी गई है कि ये बसें एयरकंडीशंड सुविधा वाली डिलक्स श्रेणी वाली हों तथा इनमें कुछ स्लीपर कोच भी चाहिए। यह जानकारी मिली है कि जैसलमेर में एक साथ 70 बसों की व्यवस्था करना कठिन कार्य साबित हो रहा है क्योंकि यहां इतनी बसें विभिन्न ट्रेवल्स प्रतिनिधियों के पास नहीं है। अब विभाग पड़ोसी बाड़मेर और फलोदी से बसों की व्यवस्था करने में जुटा है।
खाने-पीने व सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी
कुछ अधिकारी नाम न छापने की शर्त पर बताते हैंं कि उन्हें लाभार्थियों को गांव-ढाणियों से जयपुर ले जाने व लाने की जिम्मेदारी दी गई है। वे कोई राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता तो हैं नहीं, जो यह काम करें। लाभार्थियों के खाने-पीने का इंतजाम कौन करेगा और कौन उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी लेगा? इस बीच सत्ताधारी भाजपा के नेता व कार्यकर्ता भी गांवों तक पहुंचकर लोगों को प्रधानमंत्री की सभा में शामिल होने के लिए तैयार कर रहे हैं। पार्टी के नेता सरकारी अधिकारियों से दिन में कई बार बातचीत कर इस संबंध में हुई प्रगति के बारे में जानकारी लेते हैं। बहरहाल, बुधवार को इस कार्यक्रम के लिए बनाए गए प्रभारी जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की जानकारी लेने वाले हैं।