-हर शनिवार को संस्कार निर्माण के लिए आधे घंटे कार्यक्रम-बच्चों के तनाव को कम करने के लिए शिक्षा विभाग की पहल
जैसलमेर/पोकरण. स्कूल में एक सप्ताह तक पढाई और रविवार को अवकाश से पूर्व शनिवार को मनोरंजन व मानसिक तनाव को कम करने के लिए आधा घंटा निर्धारित किया गया है। पूर्व में प्रति सप्ताह शनिवार को बालसभाओं का आयोजन किया जाता रहा है, लेकिन अब विद्यालय में शनिवार के दिन प्रबुद्धजन, दादी-नानी प्रेरक प्रसंग, भारतीय संस्कृति व अन्य इतिहास से अवगत करवाएंगे। जिसको लेकर शिक्षा विभाग की ओर से शिविरा पंचांग में दिशा निर्देश जारी किए गए है। शिक्षा विभाग की ओर से जारी शिविरा पंचांग के अनुसार माह के प्रथम शनिवार को महापुरुष के जीवन पर पे्ररक प्रसंग की जानकारी दी जाएगी। दूसरे शनिवार को प्रेरक कहानियों का वाचन किया जाएगा तथा रचनात्मक व सृजनात्मक क्षमता को प्रोत्साहित करने के लिए संस्कार सभा आयोजित की जाएगी। जिसमें बच्चों की दादी, नानी को आमंत्रित किया जाएगा।
देश की गतिविधियों की मिलेगी जानकारी
महीने के तृतीय शनिवार को राष्ट्रीय महत्व के समसामयिक समाचारों की समीक्षा की जाएगी। इसी दिन किसी प्रबुद्धजन की ओर से उद्बोधन दिया जाएगा। चौथे शनिवार को सद् साहित्य व महाकाव्यों पर प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यदि माह में पांचवां शनिवार होता है, तो उस दिन प्रेरक नाट्य का मंचन और विद्यार्थियों की ओर से राष्ट्रभक्ति सुनाए जाएंगे।
पांच-पांच मिनट कम लगेगी कक्षाएं
नन्हे छात्र छात्राओं के दिमाग को हल्का करने, उनकी पढ़ाई के प्रति चिंता व तनाव को कम करने के लिए शनिवार को बाल सभा का आयोजन होता है। शिविरा पंचांग के अनुसार विद्यालय में लगने वाले आठ कालांशों में शनिवार को पांच-पांच मिनट की कम कक्षाएं लगेगी। अंतिम कालांश में आधा घंटे तक बालसभा का आयोजन किया जाएगा, ताकि बच्चों का तनाव कम किया जा सके।
फैक्ट फाइल
- 651 सरकारी विद्यालय हैं सांकड़ा ब्लॉक क्षेत्र में
- 1 दिन होगा सप्ताह में बाल सभा का आयोजन
- 30 मिनट तक चलेगा कार्यक्रम
- 6 दिन के तनाव से बच्चों को मिलेगी मुक्ति