देश की राजधानी दिल्ली से जैसलमेर के बीच प्रतिदिन चलने वाली स्वर्णनगरी एक्सप्रेस में रविवार सुबह जैसलमेर लौटने के दौरान जेठा और चांधन के बीच पहियों में धुआं उठने से ट्रेन में सवार यात्री घबरा गए। चालक ने तत्काल आपात ब्रेक का इस्तेमाल कर ट्रेन को रोका और रेलवे स्टाफ ने अग्निशमन उपकरणों से संभावित आग पर काबू पाया। इस दौरान ट्रेन करीब 20 मिनट तक पटरियों पर खड़ी रही और रेल में सवार कई यात्री नीचे उतर आए।
देश की राजधानी दिल्ली से जैसलमेर के बीच प्रतिदिन चलने वाली स्वर्णनगरी एक्सप्रेस में रविवार सुबह जैसलमेर लौटने के दौरान जेठा और चांधन के बीच पहियों में धुआं उठने से ट्रेन में सवार यात्री घबरा गए। चालक ने तत्काल आपात ब्रेक का इस्तेमाल कर ट्रेन को रोका और रेलवे स्टाफ ने अग्निशमन उपकरणों से संभावित आग पर काबू पाया। इस दौरान ट्रेन करीब 20 मिनट तक पटरियों पर खड़ी रही और रेल में सवार कई यात्री नीचे उतर आए।
यह वाकया रविवार सुबह करीब 9 बजे का है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बाद ट्रेन को करीब 20 मिनट की देरी से जैसलमेर के लिए रवाना किया गया। बताया जाता है कि ट्रेन अपने निर्धारित समय पर लाठी स्टेशन से जैसलमेर के लिए रवाना हुई थी। कोच से धुआं निकलने की सूचना पर लोको पायलट ने जेठा और चांधन रेलवे स्टेशनों के बीच इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया।
ट्रेन के अचानक रुकने और पहियों के पास से धुआं उठता देख यात्री भी कोच से नीचे उतरने लगे। रेलवे का तकनीकी स्टाफ और गार्ड तुरंत धुएं वाले कोच के पास पहुंचे और अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। जानकारी के अनुसार यह वाकया ब्रेक बाइंडिंग के कारण हुआ। इस स्थिति में ब्रेक शू पहिये से चिपक जाते हैं, रबर के अत्यधिक गर्म होने से आग लगने की आशंका बढ़ जाती है।