पोकरण कस्बे में दो दिन पहले घर से निकली एक नाबालिग बालिका का शव मंगलवार सुबह रामदेवसर तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। गुस्साए परिजनों ने नाबालिग को घर से ले जाने और उसकी हत्या कर शव तालाब में डालने का आरोप लगाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने मोर्चरी के […]
पोकरण कस्बे में दो दिन पहले घर से निकली एक नाबालिग बालिका का शव मंगलवार सुबह रामदेवसर तालाब में मिलने से सनसनी फैल गई। गुस्साए परिजनों ने नाबालिग को घर से ले जाने और उसकी हत्या कर शव तालाब में डालने का आरोप लगाते हुए आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने मोर्चरी के आगे धरना शुरू किया। स्थानीय निवासी एक महिला ने रविवार की रात पुलिस में रिपोर्ट दी थी कि उसकी नाबालिग पुत्री गुमशुदा हो गई है। सोमवार दोपहर बाद आरएसएस स्वयंसेवक, परिजन व अन्य लोग एकत्रित होकर पुलिस थाने पहुंचे और मामले की जांच की मांग की। मंगलवार सुबह सूचना मिली कि रामदेवसर तालाब में एक शव दिख रहा है, जिस पर थानाधिकारी भारत रावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। तैराक की सहायता से शव को बाहर निकाला। शव को राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया।
घटना की जानकारी मिलने पर मोर्चरी के आगे लोगों की भीड़ लग गई। दलित कमेटी के अध्यक्ष सुरेश नागौरा, सचिव गणपतराम गर्ग, तुलछाराम भील, चेतनराम भाटी, राजूराम, देव चौहान सहित बड़ी संख्या में लोगों ने धरना शुरू कर दिया। उन्होंने कस्बे के ही कुछ युवकों पर वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाकर निष्पक्ष जांच करने और पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने रविवार रात मृतका की मां के साथ पुलिस थाने में उचित व्यवहार नहीं करने के दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
मोर्चरी के आगे धरने पर पूर्व विधायक शैतानसिंह राठौड़, आरएसएस के वरिष्ठ स्वयंसेवक जयकिशन दवे, वीरमसिंह सनावड़ा, तनसिंह राजगढ़, देवीसिंह भाटी भी पहुंचे और घटना की जानकारी ली। उन्होंने रोष जताते हुए आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। इसी तरह पूर्व विधायक सांगसिंह भाटी, नगरपालिका अध्यक्ष मनीष पुरोहित, भाजपा नेता भूरसिंह सांकड़ा, मेघसिंह जैमला, बलवंतसिंह जोधा भी धरनास्थल पर पहुंचे और धरने का समर्थन करते हुए न्याय की मांग की।
पुलिस वृताधिकारी भवानीसिंह राठौड़ व थानाधिकारी भारत रावत ने धरनास्थल पर पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और घटना की जानकारी लेकर समझाइश की। इसी प्रकार एहतियात के तौर पर बड़ी संख्या में पुलिस व आरएसी का जाब्ता तैनात किया गया। सांकड़ा थानाधिकारी राणसिंह, नाचना थानाधिकारी देवकिशन भी पुलिस बल के साथ यहां पहुंचे। पुलिस की ओर से मृतक नाबालिग की माता की रिपोर्ट के अनुसार मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को दस्तयाब किया है। जिनसे पूछताछ कर जांच की जा रही है।
धरना मंगलवार शाम तक भी जारी रहा। दोपहर बाद उपखंड अधिकारी कार्यालय में उपखंड अधिकारी हीरसिंह चारण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रवीणकुमार सैन व वृताधिकारी भवानीसिंह राठौड़ ने प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात कर समझाइश की। इस दौरान प्रतिनिधि मंडल ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मुख्य आरोपी को फांसी की सजा दिलाने, उनके घरों पर बुल्डोजर चलाकर ध्वस्त करने, सम्पत्ति जब्त करने, पोकरण पुलिस थाने में रविवार रात ड्यूटी अधिकारी व पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर निलंबित करने, पीडि़त परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी व एक करोड़ आर्थिक सहायता दिलाने, नाबालिग का पोस्टमार्टम पांच चिकित्सकों के मेडिकल बोर्ड से करवाने की मांग की। अधिकारियों ने आश्वासन दिया, लेकिन परिजन व लोग नहीं माने। उन्होंने बताया कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।