मरुस्थलीय क्षेत्र में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान अभी से 39 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है।
मरुस्थलीय क्षेत्र में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। तापमान अभी से 39 डिग्री के आसपास पहुंच रहा है। ऐसे में कस्बे के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों में आमजन के लिए छाया और पानी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को तपती धूप में परेशान होना पड़ रहा है। हर साल गर्मी चरम पर पहुंचने पर अस्थायी शामियाने लगाकर औपचारिकता निभा दी जाती है, जबकि स्थायी छाया की व्यवस्था कर दी जाए तो सरकारी धन की बचत के साथ आमजन को लंबे समय तक राहत मिल सकती है।
पोकरण उपखंड मुख्यालय होने के कारण आसपास के गांवों और ढाणियों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग यहां अपने काम से आते हैं। कस्बे की आबादी करीब 25 से 30 हजार के बीच है, जबकि रोजाना लगभग दो हजार से अधिक लोगों का आवागमन होता है। इसके बावजूद जोधपुर रोड और जैसलमेर रोड स्थित बस स्टैंडों पर छाया और पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। यात्रियों को बसों का इंतजार तपती धूप में करना पड़ता है।
कस्बे के उपखंड कार्यालय और कचहरी परिसर सहित अधिकांश सरकारी कार्यालयों में आने वाले परिवादियों के लिए बैठने या छाया की समुचित व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले वृद्ध, महिलाएं और अन्य लोग घंटों धूप में खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करते हैं। कई कार्यालयों में ठंडे पानी तक की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को बाजार से पानी की बोतल खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
जोधपुर रोड स्थित केंद्रीय बस स्टैंड पर करीब पंद्रह वर्ष पहले बना विश्राम गृह देखरेख के अभाव में जर्जर हो चुका है। भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण यहां छाया की कोई उपयोगी व्यवस्था नहीं बची है और दिनभर धूप का प्रभाव बना रहता है। इसी प्रकार कस्बे के चार उद्यानों में से तीन उजाड़ पड़े हैं। केवल सालमसागर तालाब के पास स्थित एक उद्यान ही विकसित है, जो मुख्य चौराहों से दूर होने के कारण यात्रियों की पहुंच से बाहर रहता है।
कस्बे के व्यास सर्किल से निकलने वाली स्टेशन रोड, फोर्ट रोड, जोधपुर रोड और जैसलमेर रोड पर बाजार क्षेत्र स्थित है, जहां दिनभर खरीदारों की भीड़ रहती है। इन स्थानों पर भी छाया या पानी की कोई व्यवस्था नहीं है। रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्म और बाहर दो छोटे टिनशेड लगे हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या के मुकाबले यह पर्याप्त नहीं हैं।
मार्च में ही तापमान 39 तक पहुंच चुका है। ऐसे में अप्रेल से जून के बीच तापमान 45 डिग्री से अधिक होने की आशंका रहती है। लू और तेज धूप के बीच छाया की व्यवस्था नहीं होने से लोगों की तबीयत बिगड़ने का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर अभी तक कोई ठोस तैयारी नजर नहीं आ रही है।
-25 हजार से अधिक पोकरण की आबादी
-2 हजार से अधिक लोग प्रतिदिन पहुंचते हैं कस्बे में
आसपास के गांवों से रोज बड़ी संख्या में लोग पोकरण आते हैं। सार्वजनिक स्थलों और सरकारी कार्यालयों में छाया की व्यवस्था नहीं होने से गर्मी में लोग बेहाल हो रहे हैं। जिम्मेदारों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
— सूर्या विश्नोई, खेतोलाई निवासी