पश्चिमी राजस्थान के रेतीले धोरों में बसा पोकरण इन दिनों धूम्रपान जैसे गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संकट की गिरफ्त में है। कभी शौक और दोस्तों के साथ शुरू होने वाली कश की लत अब युवाओं के लिए साइलेंट किलर से कम नहीं है।
पश्चिमी राजस्थान के रेतीले धोरों में बसा पोकरण इन दिनों धूम्रपान जैसे गंभीर सामाजिक और स्वास्थ्य संकट की गिरफ्त में है। कभी शौक और दोस्तों के साथ शुरू होने वाली कश की लत अब युवाओं के लिए साइलेंट किलर से कम नहीं है। विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के मौके पर क्षेत्र में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति एक चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है, जहां युवा धुएं के गुबार को स्वैग समझ रहे है, जबकि असल में वे अपनी उम्र घटा रहे है।
क्षेत्र में चाय की थडिय़ों, सार्वजनिक स्थानों और गली-मोहल्लों में युवाओं का झुंड बीड़ी-सिगरेट के धुएं उड़ाता आसानी से देखा जा सकता है। जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया और फिल्मों के बढ़ते प्रभाव के कारण युवा धूम्रपान को स्टेटस सिंबल मान रहे है, लेकिन हकीकत यह है कि यह धुआं फेफड़ों को छलनी कर रहा है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार एक सिगरेट उम्र के कई कीमती मिनट कम कर देती है, जिसे युवा वर्ग पूरी तरह नजरअंदाज कर रहा है।
क्षेत्र में गत कुछ वर्षों में श्वास रोग, दमा और हृदय रोग के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। चिंता का विषय यह है कि 18 से 25 वर्ष की आयु के युवाओं में भी फेफड़ों के संक्रमण और उच्च रक्तचाप की शिकायतें मिल रही है। धूम्रपान न केवल सेवन करने वाले को, बल्कि पैसिव स्मोकिंग के जरिए उसके आसपास मौजूद परिवार और बच्चों को भी गंभीर बीमारियों की ओर धकेल रहा है। धूम्रपान मुक्त समाज की कल्पना तभी साकार हो सकती है, जब युवा स्वयं यह संकल्प लें कि वे अपनी अनमोल जिंदगी को धुएं में नहीं उड़ाएंगे। आज के दिन की सार्थकता तभी है, जब क्षेत्र का युवा तंबाकू को ना कहकर एक स्वस्थ पोकरण की नींव रखे।
राजकीय अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ.अजयपालसिंह भाटी ने बताया कि धूम्रपान एक घातक लत है। युवाओं को भ्रम है कि कभी-कभार धूम्रपान से कुछ नहीं होता, लेकिन हकीकत में शुरुआत में ही धूम्रपान से फेफड़ों की झिल्लियों को नुकसान पहुंचना शुरू हो जाता है। सिगरेट के धुएं में निकोटीन से रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती है, जिससे ह्रदयघात व हाइपरटेंशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा भी शारीरिक नुकसान होता है। धूम्रपान छोडऩा मुश्किल नहीं है। उन्होंने धूम्रपान छोड़कर स्वास्थ्य की जांच करवाने और श्वास फूलने, खांसी जैसे लक्षण होने पर उपचार लेने की बात कही है।